सांसद सुनील सोनी अरुण साव के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

पर्दा डाल रहे है।मोदी सरकार कोरोना वायरस को लेकर सही समय पर विपक्षी दल के नेताओं की सलाह पर अमल करते। अंतरराष्ट्रीय हवाई जहाजों से आने वालों की हवाई अड्डे पर ही कोरोना टेस्टिंग करते,गुजरात में नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम करने और मध्य प्रदेश निर्वाचित कांग्रेस की सरकार को अस्थिर करने के लिए हवाई जहाजों के आने-जाने पर प्रतिबंध नहीं लगाया। मजदूरों के घर वापसी के लिए ट्रेन नही चलाई गई। जिसके कारण देश भर में कोरेना महामारी फैल गई है। मोदी सरकार के विफलताओं का ठीकरा भाजपा के सांसद और भाजपा के नेता अब राज्य सरकारों पर फोड़ने में जुटे हुए हैं।सांसद सुनील सोनी अरुण साव को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए कोरेना महामारी संक्रमण रोकने में उनका राज्य के प्रति क्या योगदान है? भाजपा सांसदों ने राज्य सरकार पर आरोप मढ़ने और खाली जुबानीखर्चा के अलावा संकटकाल में छत्तीसगढ़ के किसानों मजदूरों व्यापारियों छात्रों युवाओं को चिकित्सकोंं जिला प्रशासन समाजिक संगठनों को किसी प्रकार का सहयोग नही किया हैै। बल्कि राज्य सरकार के द्वारा कोरोना महामारी संकटकाल से निपटने राज्य में आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने केंद्र सरकार से मांगी गई आर्थिक सहयोग सहित अन्य प्रकार के सहयोग पर भाजपा सांसदों ने तो अड़ंगा बाधा उत्पन्न कर सियासी राजनीति ही किया है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मोदी सरकार को देशभर में कोरोना महामारी को फैलने से रोकने में विफल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार की मनमानी जिद लापरवाही के कारण कोरोना महामारी ग्रस्त देशों की सूची में भारत टॉप टेन में पांचवें नंबर पर है। जिस गति से महामारी बढ़ रही है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की भारत विश्व में सबसे ज्यादा महामारी संक्रमित देशों की सूची में पहले पायदान पर ना पहुंच जाए। लॉकडाउन वन की शुरुआत में भारत में कोरोना संक्रमण के एक भी केस नहीं थे आज की तारीख में 270000 से अधिक कोरोना महामारी संक्रमित पाए गए हैं।कोरेना महामारी के कारण 7000 से अधिक लोगों की अकाल मृत्यु हुई है।कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते देश की 12 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। रोजी रोजगार व्यापार व्यवसाय उद्योग परिवहन सहित सभी प्रकार के आर्थिक गतिविधियां बंद एवं सुस्त पड़ी है। धार्मिक आयोजन मांगलिक कार्यक्रमों दुख सुख में भी लोग एक दूसरे को सहयोग नहीं कर पा रहे हैं। अचानक हुई लॉकडाउन से भयभीत मजदूरो को घर वापसी के प्रयास में बिना चरण पादुका के पैदल सड़कों पर भटकना पड़ा है भूख प्यास, दुर्घटनाओं एवं अन्य कारणों से 600 से अधिक मजदूरों की आसमयिक मौत हुई है।
भाजपा के सांसद राज्य सरकार पर आरोप लगाने के बजाय छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता से माफी मांगे और महमारी संकट से निपटने राज्य सरकार के द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर सहयोग करें।

 

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