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सिर्फ 2 रुपए की बचत दिलाएगा 36000 रुपए, मोदी सरकार ने शुरू की है ये खास स्कीम, जानिए डिटेल्स

36000 rupees will give savings of only 2 rupees, Modi government has started this special scheme, know details

Govt Investment Ideas केंद्र की मोदी सरकार देश के नागरिकों के लिए कई तरह की योजना चला रही है। किसानों के साथ-साथ मजदूर वर्ग के लिए कई तरह की योजना संचालित है। इनमें पीएम श्रम योगी मानधन योजना काफी लोकप्रिय हैं। पीएम श्रम योगी मानधन योजना के तहत रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य करने वाले मजदूर और इसी तरह के अनेक अन्य कार्यों में लगे असंगठित क्षेत्र से जुड़े मजदूरों को अपना बुढ़ापा सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। इस योजना में आप रोजाना बस 2 रुपये बचाकर सालाना 36000 रुपये की पेंशन पा सकते हैं। तो चलिए जानते है मोदी सरकार की इस स्कीम के बारे में…

दरअसल, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना किसानों और श्रमिकों के लिए एक पेंशन योजना है। इसके तहत लाभार्थी को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 यानी 36000 रुपये सालाना पेंशन दी जाती है। इस स्कीम को शुरू करने पर आपको हर माह 55 रुपए जमा करना होंगे। यानी 18 वर्ष की उम्र वाले रोजाना करीब 2 रुपये बचाकर आप सालाना 36000 रुपये की पेंशन पा सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र से इस स्कीम को शुरू करेगा तो हर महीने उसे 200 रुपए जमा करना होंगे। 60 साल की उम्र पूरा होने के बाद आपको पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी। 60 साल के बाद आपको 3000 रुपये महीना यानी 36000 रुपये साल की पेंशन मिलेगी।

ये लोग ले सकते हैं योजना का लाभ

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन स्कीम के तहत कोई भी अंसगठित क्षेत्र से जुड़ा हुआ मजदूर जिसकी उम्र 40 वर्ष से कम हो और किसी भी सरकारी स्कीम का फायदा न ले रहा हो, वह फायदा उठा सकते हैं। आपको बता दें कि इस स्कीम में आवेदन करने वाले व्यक्ति की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। इस योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास सेविंग बैंक अकाउंट और आधार कार्ड होना जरूरी है। व्यक्ति की उम्र 18 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

रजिस्ट्रेशन के लिए करना होगा ये काम

इसके लिए आपको योजना के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में पंजीकरण करवाना होगा। CSC सेंटर में पोर्टल पर श्रमिक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सरकार ने इस योजना के लिए वेब पोर्टल बनाया है। इन सेंटर्स के जरिए ऑनलाइन सभी जानकारी भारत सरकार को चली जाएगी।

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