BIG BREAKING : केंद्र सरकार ने जारी की चेतावनी, अस्पताल इलाज करने से नहीं कर सकते मना, वरना होगी कार्रवाई , पढ़े पूरी खबर …..

नईदिल्ली। कोरोना संकट केे डर कई जगहों पर मरीजों को इलाज नहीं मिल पाने की शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने अस्पतालों के खिलाफ एक्शन लेने का प्लान तैयार कर लिया है। केंद्र सरकार ने हेल्थ स्कीम ( लिनित अस्पतालों को हिदायत दी है कि यदि ऐसे अस्पताल कोरोना समेत अन्य मरीजों का इलाज करने से मना करते हैं उनके खिलाफ शख्त कार्रवाई की जाएगी।अस्पताल में बेड न होने की शिकायत है तो कोई जानबूझकर इलाज नहीं कर रहा है, इलाज न मिल पाने की खबरों के बाद यह चेतावनी जारी की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीजीएचएस के लिए चयनित अस्पतालों को चेतावनी दी है कि अगर वे कोरोना मरीज या अन्य मरीजों का इलाज करने से मना करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस मामले की समीक्षा की गई है और राज्य सरकारों द्वारा चिन्हित कोरोना अस्पतालों के साथ ही नॉन-कोविड अस्पताल को मरीजों का इलाज करने की चेतावनी दी गई है, सभी अस्पताल योजना के मानदंडों के अनुसार सीजीएचएस लाभार्थियों को इलाज की सुविधा देंगे। कोई भी अस्पताल मरीज को मना नहीं कर सकते और तय मानदंडों के अनुसार ही फीस लेंगें। सीजीएचएस योजना में वर्तमान में लगभग 36 लाख लाभार्थी और 12 लाख कार्ड धारक हैं।

मरीजों के हैं 17 स्वास्थ्य अधिकार

1. स्वास्थ्य संबंधी हर सूचना आप डॉक्टर या अस्पताल से ले सकते हैं.
2. अपने स्वास्थ्य व इलाज संबंधी रिकॉर्ड्स और रिपोर्ट्स पा सकते हैं.
3. इमरजेंसी हालत में पूरा या एडवांस भुगतान किए बगैर आपको इलाज से मना नहीं किया जा सकता.
4. आपकी सेहत के बारे में अस्पताल/डॉक्टर को गोपनीयता/निजता रखना होगी व अच्छा बर्ताव करना होगा.
5. मरीज के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता.
6. मानकों के हिसाब से इलाज में क्वालिटी और सुरक्षा आपको मिलना चाहिए.
7. आप इलाज के अन्य उपलब्ध विकल्प चुन सकते हैं.
8. आप सेकंड ओपिनियन लेने के लिए आजाद हैं.
9. इलाज की दरों और सुविधाओं को लेकर पारदर्शिता अस्पतालों/डॉक्टरों को बरतनी चाहिए.
10. आप दवाएं या टेस्ट के लिए अपने हिसाब से स्टोर या संस्था का चयन कर सकते हैं.
11. गंभीर रोगों के इलाज से पहले आपको उसके खतरों, प्रक्रियाओं व अंजाम बताकर मरीज की मंजूरी आवश्यक है.
12. व्यावसायिक हितों से परे ठीक से रेफर या ट्रांसफर किए जाना चाहिए.
13. बायोमेडिकल या स्वास्थ्य शोधों में शामिल लोगों से सुरक्षा आपको मिलना चाहिए.
14. क्लीनिकल ट्रायल में शामिल मरीजों से आपको सुरक्षित रखा जाना चाहिए.
15. बिलिंग आदि प्रक्रियाओं की वजह से आपका डिस्चार्ज या शव सौंपने को अस्पताल टाल नहीं सकता.
16. मरीज को आसान भाषा में स्वास्थ्य व इलाज के बारे में बताना चाहिए.
17. आपकी शिकायतें सुनकर अस्पताल या फिर डॉक्टर को उसका हल निकालना चाहिए.

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