MP-CG Pension Dispute: छत्तीसगढ़ को मिलेगी 10,536 करोड़ की वापसी, मध्यप्रदेश लौटाएगा पेंशन का अतिरिक्त भुगतान
Raipur में हुई कैबिनेट बैठक में पेंशन विवाद सुलझाने पर सहमति, 2000 करोड़ मिल चुके, शेष राशि 6 किस्तों में मिलेगी

MP-CG Pension Dispute: छत्तीसगढ़ में Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चल रहे पेंशन विवाद पर बड़ा फैसला लिया गया।
बैठक में सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ द्वारा वर्षों से किए गए अतिरिक्त पेंशन भुगतान की 10,536 करोड़ रुपये की राशि अब मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वापस की जाएगी। इस राशि में से 2000 करोड़ रुपये पहले ही मिल चुके हैं, जबकि शेष राशि 6 वार्षिक किस्तों में दी जाएगी।
क्या है पूरा पेंशन विवाद
यह विवाद दोनों राज्यों के बंटवारे के समय तय किए गए नियमों से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य:
- वर्ष Madhya Pradesh Reorganisation Act, 2000 के तहत पेंशन भुगतान का बंटवारा तय किया गया था
- नियम के अनुसार पेंशन का 26.63% खर्च छत्तीसगढ़ और 73.37% खर्च मध्यप्रदेश को देना था
- लेकिन जांच में सामने आया कि मध्यप्रदेश का हिस्सा नियमित रूप से नहीं मिल रहा था
- कई वर्षों तक पूरा भुगतान छत्तीसगढ़ सरकार के खाते से होता रहा
वित्त विभाग की जांच में खुली गड़बड़ी
राज्य में वित्तीय दबाव बढ़ने के बाद पेंशन भुगतान की समीक्षा की गई।
जांच में सामने आया:
- पेंशन भुगतान के आंकड़ों की दोबारा जांच की गई
- पता चला कि मध्यप्रदेश का हिस्सा लंबे समय से जमा नहीं हो रहा था
- बैंकों की त्रुटिपूर्ण लेखांकन (Accounting Error) की वजह से अतिरिक्त भुगतान हुआ
- संयुक्त दल द्वारा आंकड़ों का पुनर्मिलान और सत्यापन किया गया
कैबिनेट ने वापसी की व्यवस्था को दी मंजूरी
कैबिनेट बैठक में अतिरिक्त भुगतान की वापसी के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
मुख्य फैसले:
- कुल 10,536 करोड़ रुपये की राशि वापस मिलेगी
- 2000 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिल चुके हैं
- शेष 8,536 करोड़ रुपये आगामी 6 वार्षिक किस्तों में दिए जाएंगे
- वित्त विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
यह फैसला राज्य की वित्तीय स्थिति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
संभावित प्रभाव:
- छत्तीसगढ़ की वित्तीय स्थिति को बड़ी राहत मिलेगी
- राज्य के बजट पर पड़ रहे अतिरिक्त दबाव में कमी आएगी
- भविष्य में पेंशन भुगतान प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी
- दोनों राज्यों के बीच लंबित वित्तीय विवाद सुलझेगा


















