LIVE UPDATE
ब्रेकिंग न्यूज़

Diwali Upaay 2025: दिवाली की सुबह उठते ही करें ये काम, लक्ष्मी जी कभी नहीं छोड़ेंगी आपका घर

Diwali Upaay 2025 : नई दिल्ली। कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाने वाली दीपावली, धन, वैभव और सुख-समृद्धि का प्रतीक है। इसे बड़ी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन रात के समय प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश पूजन का विशेष महत्व है, लेकिन सुबह किए जाने वाले धार्मिक कार्य भी बेहद फलदायक माने जाते हैं। Diwali Upaay 2025

ALSO READ- Diwali 2025 Date: 20 या 21 अक्टूबर? किस दिन मनाई जाएगी दिवाली…जानिए सही तिथि और शुभ मुहूर्त

दिवाली की सुबह क्यों महत्वपूर्ण है? Diwali Upaay 2025

स्कंदपुराण के अनुसार, दिवाली की सुबह केवल स्नान करने से नहीं, बल्कि कुछ विशेष धार्मिक कर्म करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। इन कार्यों से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

सुबह उठकर किए जाने वाले प्रमुख कार्य:

  1. पवित्र स्नान करें: सुबह उठते ही स्वच्छता और शुद्धि के लिए स्नान करना आवश्यक है।
  2. देवताओं और पितरों की पूजा: अपने पूर्वजों और देवताओं को प्रणाम करें।
  3. दान करें: पितरों के नाम पर दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
  4. पार्वण श्राद्ध करें: दही, दूध, घी आदि से पार्वण श्राद्ध करना शुभ फल देता है।
  5. व्रत रखें: यदि संभव हो तो इस दिन व्रत करने से विशेष लाभ होता है।

इन कार्यों से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-शांति कायम रहती है।

प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश पूजन

शाम के समय प्रदोष काल में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन किया जाता है। इस समय भक्त मां लक्ष्मी से धन, वैभव, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। स्कंदपुराण के अनुसार, जो भक्त लक्ष्मी जी को कमल के फूलों की शय्या पर विराजमान कर पूजन करता है, उसके घर से लक्ष्मी कभी नहीं जाती।

दिवाली 2025 की तिथि और अमावस्या का समय

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 20 अक्टूबर 2025, दोपहर 3:44 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 21 अक्टूबर 2025, शाम 5:54 बजे

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष 20 अक्टूबर को ही दीपावली और लक्ष्मी पूजन का शुभ योग बन रहा है क्योंकि अमावस्या और प्रदोष काल एक ही दिन पड़ रहे हैं।

लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 2025

  • लक्ष्मी पूजन मुहूर्त: शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक
  • पूजन अवधि: 1 घंटा 11 मिनट
  • प्रदोष काल: शाम 5:46 बजे से रात 8:18 बजे तक
  • वृषभ लग्न काल: शाम 7:08 बजे से रात 9:03 बजे तक

ज्योतिषियों के अनुसार, वृषभ लग्न के समय लक्ष्मी पूजन करना सबसे उत्तम माना जाता है। इसे स्थिर लग्न कहा जाता है, और मां लक्ष्मी को स्थिरता अधिक प्रिय होती है।

Diwali Upaay 2025: दिवाली की सुबह उठते ही करें ये काम, लक्ष्मी जी कभी नहीं छोड़ेंगी आपका घर

TheBharatExpress Desk

The Bharat Express एक समर्पित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत की क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज़, सरकारी अपडेट और जनहित से जुड़ी खबरें प्रकाशित करता है । TheBharatExpress.com अपने पाठकों तक तेज़, सटीक और विश्वसनीय खबरें पहुंचा रहा है। यहां प्रकाशित हर खबर विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि के बाद ही प्रकाशित की जाती है, जिससे पाठकों का भरोसा बना रहता है।Email: contact@thebharatexpress.com

Related Articles