Road Accident: दर्दनाक सड़क हादसा: गिट्टी से लदे डंपर ने बस को मारी टक्कर, 24 की मौत — मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख….कॉलेज के छात्र थे बस में सवार
Road Accident रंगारेड्डी, तेलंगाना। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें 24 लोगों की मौके पर मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि बस और डंपर दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।Road Accident
जानकारी के अनुसार, गिट्टी से लदे एक तेज़ रफ्तार डंपर ने राज्य परिवहन निगम (RTC) की बस को ज़ोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और डंपर की गिट्टी बस के अंदर गिर गई, जिससे कई यात्री गिट्टी के नीचे दब गए।
कॉलेज के छात्र थे बस में सवार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बस तंदूर से हैदराबाद की ओर जा रही थी। उसमें 70 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें अधिकतर कॉलेज छात्र थे। ये छात्र रविवार को अपने घरों में छुट्टी बिताने के बाद सोमवार सुबह कॉलेज लौट रहे थे। हादसा चेवेल्ला क्षेत्र के खानपुर गेट के पास हुआ।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डंपर चालक ने तेज रफ्तार के कारण वाहन से नियंत्रण खो दिया था, जिसके बाद वह सीधा बस से जा टकराया।
राहत-बचाव अभियान में जुटा प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए। बस के मलबे और गिट्टी में दबे यात्रियों को निकालने के लिए जेसीबी मशीनों की मदद ली गई। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें गंभीर रूप से घायल लोगों को हैदराबाद रेफर किया गया।
सीएम रेवंत रेड्डी ने जताया शोक
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मुख्य सचिव और डीजीपी को तुरंत राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया और घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस ने शुरू की जांच, उठे सड़क सुरक्षा पर सवाल
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और डंपर चालक की स्पीड, ब्रेक सिस्टम और लाइसेंस संबंधी जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा, भारी वाहनों की निगरानी और परिवहन विभाग की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
यह दर्दनाक हादसा न केवल कई परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों के नियमन पर अभी भी सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।









