Raipur Breaking: नया रायपुर के ब्लू वाटर में सिर कटी लाश मिलने से सनसनी, ‘मौत का कुंड’ बनता जा रहा ब्लू वाटर
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Raipur Breaking रायपुर। राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आई है। नया रायपुर स्थित ब्लू वाटर इलाके में पानी में तैरती हुई एक युवक की सिर कटी लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। शव का सिर गायब होने के कारण हत्या की आशंका जताई जा रही है। Raipur Breaking
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है।
यह मामला माना थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है।
पहले भी हो चुके हैं कई दर्दनाक हादसे, ‘मौत का कुंड’ बनता जा रहा ब्लू वाटर
नया रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान कोई नई दुर्घटना का गवाह नहीं है। बीते कई वर्षों में यहां डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें बच्चों, युवकों और पिकनिक मनाने आए लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके बावजूद यह इलाका आज भी खुले और असुरक्षित हालात में मौजूद है, जिससे यह स्थान धीरे-धीरे “मौत का अड्डा” बनता जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, ब्लू वाटर दरअसल एक पुरानी पत्थर खदान है, जिसमें बारिश और भूजल भरने से गहरा जलाशय बन गया है। ऊपर से पानी शांत और आकर्षक दिखाई देता है, लेकिन अंदर पानी अचानक बहुत गहरा, ठंडा और खतरनाक हो जाता है। कई बार लोग गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते और कुछ ही पलों में डूब जाते हैं।
बच्चे और युवा सबसे ज्यादा शिकार
पिछले वर्षों में सामने आए मामलों में सबसे ज्यादा स्कूल-कॉलेज के छात्र और युवा इसकी चपेट में आए हैं। गर्मी के मौसम में नहाने, पिकनिक मनाने या रील बनाने के लिए लोग यहां पहुंच जाते हैं। सुरक्षा घेराबंदी न होने और चेतावनी बोर्ड या गार्ड की अनुपस्थिति के कारण लोग बिना किसी डर के पानी में उतर जाते हैं, जो कई बार जानलेवा साबित होता है।
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प्रशासन को कई बार दी गई चेतावनी
स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार प्रशासन को लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं। मांग की जाती रही है कि—
- पूरे क्षेत्र में पुख्ता बैरिकेडिंग की जाए
- खतरे की चेतावनी वाले बोर्ड लगाए जाएं
- सुरक्षा गार्ड या निगरानी व्यवस्था तैनात हो
- क्षेत्र को नो-एंट्री जोन घोषित किया जाए
लेकिन आरोप है कि हर हादसे के बाद कुछ समय के लिए कार्रवाई होती है, फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
हर हादसे के बाद उठता है सवाल
हर नई मौत के बाद वही सवाल दोहराया जाता है—
क्या अगली जान जाने का इंतजार किया जा रहा है?
क्या किसी बड़े आंदोलन या हाई-प्रोफाइल घटना के बाद ही प्रशासन स्थायी कदम उठाएगा?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त और स्थायी सुरक्षा इंतजाम किए जाते, तो कई मासूम जानें बचाई जा सकती थीं।
अब भी बना हुआ है खतरा
आज भी ब्लू वाटर क्षेत्र में कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।



















