Safai Karmchari Hadtal: राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था चरमराई, 3 दिन से हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, घर-घर नहीं पहुंच रही कचरा गाड़ी
भुगतान लंबित होने से नाराज डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण कर्मचारी आंदोलन पर, कांग्रेस नेता शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Safai Karmchari Hadtal: Raipur नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों स्वच्छता सर्वेक्षण चल रहा है, लेकिन इसी बीच शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। Safai Karmchari Hadtal
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाले सफाई कर्मचारी पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं।
इस वजह से राजधानी के कई इलाकों में:
- घरों से कचरा नहीं उठ पा रहा
- गलियों और मोहल्लों में गंदगी बढ़ रही है
- लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
‘कचरे वाली गाड़ी’ नहीं पहुंचने से बढ़ी परेशानी
शहर के कई वार्डों में नियमित रूप से पहुंचने वाली कचरा संग्रहण गाड़ियां बंद हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
- लगातार तीन दिनों से कचरा जमा हो रहा है
- बदबू और गंदगी की समस्या बढ़ गई है
- गर्मी के मौसम में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है
स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच इस स्थिति ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
78 करोड़ रुपये भुगतान लंबित होने का आरोप
इस मुद्दे पर Shiv Dahariya ने राज्य सरकार को घेरा है।
पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया कि:
- सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है
- नगरीय निकायों की स्थिति बेहद खराब हो गई है
- सफाई कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा
उन्होंने दावा किया कि कचरा संग्रहण का काम करने वाली रामकी कंपनी का करीब 78 करोड़ रुपये का भुगतान पिछले सात महीनों से लंबित है।
डहरिया ने सवाल उठाया कि जब कंपनी को भुगतान नहीं मिलेगा तो कर्मचारियों को वेतन कैसे मिलेगा और कामकाज कैसे चलेगा।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
शिव डहरिया ने कहा कि:
- कांग्रेस शासनकाल में सफाई कर्मचारियों को हड़ताल की नौबत नहीं आई
- स्वच्छता सर्वेक्षण में राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया था
- भाजपा सरकार में कर्मचारी वेतन और भुगतान के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं
उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में रायपुर नगर निगम में चार बार हड़ताल हो चुकी है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के बीच बढ़ी चिंता
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान राजधानी में सफाई व्यवस्था प्रभावित होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो:
- शहर में गंदगी की समस्या और बढ़ सकती है
- लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है
- स्वच्छता रैंकिंग पर भी असर पड़ सकता है









