
Child Protection Workshop CG / Raipur, 24 मार्च 2026। बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को लेकर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर मंथन किया गया।
“बच्चे valuable हैं, फिर vulnerable क्यों?”
आयोग की अध्यक्ष Dr. Varnika Sharma ने कहा:
“बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन जो इतने valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं?”
उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल चिंता नहीं, बल्कि ठोस मंथन और कार्रवाई जरूरी है।
- बच्चों से अपराध नहीं, गलतियां होती हैं
- बाल गृह को घर जैसा माहौल देना चाहिए
- सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की जरूरत
मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े का संदेश
कार्यक्रम का उद्घाटन Lakshmi Rajwade ने किया। उन्होंने कहा:
“हर बच्चा अपना है, यही सोच भविष्य बदलेगी।”
- बच्चों को ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सही दिशा जरूरी
- दूसरों के बच्चों को भी अपने बच्चों जैसा समझना होगा
संवेदनशीलता जरूरी – संजीव शुक्ला
Sanjeev Shukla ने बच्चों से जुड़े मामलों में Law & Force Department की संवेदनशील भूमिका पर जोर दिया।
कार्यशाला में क्या-क्या हुआ?
कार्यशाला दो सत्रों में आयोजित हुई, जिसमें Shaista Shah ने भी भाग लिया। प्रमुख बिंदु:
- स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण
- POCSO ट्रैकिंग पोर्टल की जानकारी
- किशोर न्याय अधिनियम 2015 पर चर्चा
- बच्चों में नशे की समस्या और रोकथाम
- बाल तस्करी उन्मूलन के उपाय
- After Care योजना और जिलेवार कार्ययोजना
सभी विभागों का समन्वय
इस कार्यशाला में:
- जिला शिक्षा अधिकारी (DEO)
- जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO)
- SJPU (Special Juvenile Police Unit)
- बाल गृह अधीक्षक
सहित कई अधिकारी शामिल हुए।
बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प
कार्यशाला के दौरान बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने की शपथ भी ली गई और इस दिशा में ठोस कदम उठाने पर चर्चा हुई।

Child Protection Workshop CG: बाल संरक्षण पर राज्यस्तरीय कार्यशाला: “बच्चे नींव हैं, फिर भी क्यों vulnerable?” – डॉ. वर्णिका शर्मा


















