LIVE UPDATE
अपराधछत्तीसगढब्रेकिंग न्यूज़राज्य

Durg Opium Farming News: अफीम की अवैध खेती पर बड़ा खुलासा, मक्का बताकर छिपाया गया मामला… कलेक्टर ने तीन अफसरों को थमाया नोटिस

Durg Opium Farming News: दुर्ग में अफीम की अवैध खेती का खुलासा, मक्का बताकर छिपाया गया मामला, कलेक्टर ने 3 अफसरों को नोटिस

Durg Opium Farming News दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सामने आए अवैध अफीम की खेती के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। जिस खेत में अफीम की फसल उगाई जा रही थी, उसे कृषि विभाग के अधिकारियों ने सरकारी रिकॉर्ड में मक्का की फसल बताकर रिपोर्ट कर दिया था। मामले के सामने आने के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। Durg Opium Farming News

कलेक्टर ने कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू, फसल सर्वेयर शशिकांत साहू और ग्राम समोदा की पटवारी अनिता साहू से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। प्रारंभिक जांच में तीनों अधिकारियों की लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

ALSO READ- IPS Transfer 2026: बड़े पैमाने पर तबादले, 64 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर, 22 जिलों के SP बदले

मक्का के नाम पर दिखाया गया प्रदर्शन प्लॉट

जांच के दौरान सबसे बड़ी गड़बड़ी कृषि विस्तार अधिकारी के स्तर पर सामने आई। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि विनायक ताम्रकार के भाई विमल ताम्रकार के जिस खेत को मक्का का प्रदर्शन प्लॉट बताया गया था, वहां वास्तव में धान की खेती हो रही थी। इससे यह संकेत मिलता है कि शासन को गुमराह करते हुए जानबूझकर खेत का स्थान बदला गया।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन प्लॉट के नाम पर राज्य शासन से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी जारी कर दी गई। नियमों के मुताबिक प्रदर्शन प्लॉट की फोटो उसी किसान के साथ ली जानी चाहिए जिसे सरकारी लाभ मिलना है, लेकिन जांच में पाया गया कि धान के खेत के पास किसी दूसरे किसान को खड़ा कर मक्का की फसल का फोटो अपलोड कर दिया गया

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस खेत की मक्का की फोटो लगाई गई, उसके ठीक पीछे अफीम की खेती की जा रही थी।

ALSO READ- Gas cylinder kaise milega: गैस सिलेंडर बंद

डिजिटल सर्वे में भी गड़बड़ी

फसलों के सर्वे के लिए नियुक्त फसल सर्वेयर शशिकांत साहू ने सितंबर 2025 में खेत का डिजिटल सर्वे किया था। इसके बाद फोटो और जानकारी गिरदावरी सॉफ्टवेयर में अपलोड की गई।

सर्वे रिपोर्ट में खसरा नंबर 309 को पड़त भूमि और खसरा नंबर 310 में धान की फसल दर्ज की गई थी। जबकि जांच में सामने आया कि इन्हीं दोनों खसरा नंबरों पर अफीम की खेती की जा रही थी

बिना जांच पटवारी ने कर दी रिपोर्ट मंजूर

नियमों के अनुसार सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद पटवारी को मौके पर जाकर सत्यापन करना अनिवार्य होता है, लेकिन आरोप है कि पटवारी ने बिना स्थल जांच किए ही रिपोर्ट को मंजूरी देकर सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिया।

इस लापरवाही के कारण लंबे समय तक अवैध अफीम की खेती छिपी रही। प्रारंभिक जांच में यह भी संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में तीनों अधिकारियों की स्थानीय भाजपा नेता विनायक ताम्रकार से सांठगांठ हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी जांच जारी है।

कलेक्टर ने तीनों अधिकारियों से पांच बिंदुओं पर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। जवाब के आधार पर आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

TheBharatExpress Desk

The Bharat Express एक समर्पित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत की क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज़, सरकारी अपडेट और जनहित से जुड़ी खबरें प्रकाशित करता है । TheBharatExpress.com अपने पाठकों तक तेज़, सटीक और विश्वसनीय खबरें पहुंचा रहा है। यहां प्रकाशित हर खबर विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि के बाद ही प्रकाशित की जाती है, जिससे पाठकों का भरोसा बना रहता है।Email: contact@thebharatexpress.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *