MP Board Result 2025: मध्यप्रदेश बोर्ड रिजल्ट 2025: सरकारी स्कूलों ने मारी बाजी, CM मोहन यादव बोले – “अब सरकारी स्कूल किसी से कम नहीं”

MP Board Result 2025 : भोपाल, 6 मई: मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board) द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा 6 मई को की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के परिणाम न केवल विद्यार्थियों की मेहनत का फल हैं, बल्कि राज्य सरकार की प्रभावशाली शिक्षा नीति का भी सकारात्मक संकेत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस बार परीक्षा परिणामों में जो सुधार देखने को मिला है, वह हमारे शिक्षकों और शिक्षा विभाग की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता का नतीजा है। मैं सभी अधिकारियों और शिक्षकों को दिल से बधाई देता हूं।”
उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष सरकार ने शिक्षकों की गैर-शैक्षणिक ड्यूटी, यानी अटैचमेंट, को पूरी तरह खत्म कर उन्हें उनके मूल कार्य — शिक्षण — में वापस लगाया है। इसका सीधा असर विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण और छात्रों के प्रदर्शन पर देखने को मिला है।
डॉ. यादव ने गर्व के साथ कहा कि “इस वर्ष सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर रहा है। अब सरकारी स्कूल किसी से कम नहीं हैं।” उन्होंने बताया कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और संसाधन मिल सकें।
सरकार ने इस बार एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सत्र शुरू होने से पहले ही सभी छात्रों को किताबें और यूनिफॉर्म वितरित कर दी थीं। पहले जो सुविधाएं अक्सर देरी से मिलती थीं, वे अब समय पर छात्रों को दी जा रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के शुरू हो सके।
रिजल्ट की प्रमुख बातें:
- 10वीं पास प्रतिशत: 76.42%
- 12वीं पास प्रतिशत: 74.48%
- बेटियों ने फिर दिखाया दम: दोनों वर्गों में बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री की यह घोषणा और सरकारी स्कूलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य में शिक्षा की स्थिति को लेकर एक सकारात्मक संदेश गया है। यह दर्शाता है कि सरकारी नीतियों में सुधार और शिक्षकों को उनके मूल कार्य में लगाने से किस प्रकार शिक्षा प्रणाली में वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है।

MP Board Result 2025: मध्यप्रदेश बोर्ड रिजल्ट 2025: सरकारी स्कूलों ने मारी बाजी, CM मोहन यादव बोले – “अब सरकारी स्कूल किसी से कम नहीं”



















