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SIR Dates Announcement : चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान,12 राज्यों में शुरू होगा SIR; मतदाता सूची में बदलाव की बताई बड़ी वजह, जानिए क्या है SIR और क्यों जरूरी है

SIR Dates Announcement : नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने देशव्यापी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR 2025) की घोषणा की है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस प्रक्रिया का दूसरा चरण अब 12 राज्यों में शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट, पारदर्शी और सटीक बनाना है। SIR Dates Announcement

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क्या है SIR 2025?

SIR (Special Intensive Revision) का मतलब है मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण। इस प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर हर मतदाता की जानकारी की पुष्टि करते हैं। इससे मतदाता सूची से फर्जी नाम, डुप्लिकेट एंट्री और मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाते हैं, साथ ही नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाता है। SIR Dates Announcement

कब और कहां लागू होगा?

मुख्य निर्वाचन आयुक्त के अनुसार,

  • SIR का पहला चरण बिहार में सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिसमें 7.5 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया।
  • अब दूसरे चरण में 12 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू होगी।
  • सभी राज्यों की मतदाता सूचियां 27 अक्टूबर 2025 की रात 12 बजे तक फ्रीज (Lock) कर दी जाएंगी।

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SIR प्रक्रिया कैसे चलेगी?

  1. हर मतदाता को BLO द्वारा “गणना प्रपत्र” (Enumeration Form) दिया जाएगा।
  2. मतदाता यह देख सकेंगे कि उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में था या नहीं।
  3. अगर नाम या माता-पिता का नाम पुरानी सूची में है — तो कोई अतिरिक्त दस्तावेज़ नहीं देना होगा।
  4. जिन लोगों के नाम नहीं हैं या विवरण गलत हैं, वे सुधार और नया पंजीकरण करा सकेंगे।
  5. पूरी प्रक्रिया http://voters.eci.gov.in पोर्टल पर भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।

क्यों जरूरी है SIR?

कारणमहत्व
फर्जी और डुप्लिकेट नाम हटानाएक ही व्यक्ति का नाम कई जगह होने से रोकथाम
मृत मतदाताओं के नाम हटानासटीक मतदाता सूची तैयार करना
नए 18+ मतदाताओं का पंजीकरणयुवाओं को लोकतंत्र में जोड़ना
पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करनानिष्पक्ष और स्वच्छ प्रक्रिया
तकनीकी सुधारऑनलाइन सत्यापन और अपडेट की सुविधा

नेताओं की प्रतिक्रिया

  • जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार चुनाव के दौरान इसे लागू करना जल्दबाजी है, जिससे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकता है।
  • वहीं, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और जेडी(यू) नेता नीरज कुमार ने इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह कदम राजनीतिक शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी है।

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क्या बोले मुख्य निर्वाचन आयुक्त? SIR Dates Announcement

ज्ञानेश कुमार ने कहा,

“SIR प्रक्रिया से मतदाता सूची को पारदर्शी और सटीक बनाया जाएगा। 2002 से 2004 तक की पुरानी सूची की तुलना करके कोई भी मतदाता खुद यह जांच सकता है कि उसका नाम सूची में है या नहीं।”

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