Devendra Yadav Video Case: वायरल वीडियो मामले में विधायक देवेंद्र यादव पहुंचे थाने, फोटो-वीडियो सैंपल सौंपा, बोले—3 साल में नहीं हुई जांच
2023 चुनाव के दौरान वायरल हुआ था कथित वीडियो, निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई

Devendra Yadav Video Case: दुर्ग जिले में वर्ष 2023 में वायरल हुए कथित वीडियो मामले में Devendra Yadav एक बार फिर चर्चा में हैं।
इस मामले में पुलिस द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद विधायक देवेंद्र यादव Bhilai Nagar Kotwali Police Station पहुंचे और जांच के लिए अपने फोटो और वीडियो का सैंपल पुलिस को सौंपा।
विधायक बोले—हमने ही दर्ज कराई थी FIR
थाने पहुंचने के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि इस मामले में उन्होंने खुद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि इस घटना को करीब ढाई से तीन साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।
विधायक ने यह भी बताया कि उन्हें इस मामले में 6 अप्रैल को नोटिस मिला था, जिसमें उसी दिन सुबह 11 बजे थाने में उपस्थित होने को कहा गया था।
उनका कहना था कि नोटिस उन्हें दोपहर 1 बजे मिला, ऐसे में समय पर पहुंचना संभव नहीं था।
CBI जांच की भी उठाई मांग
विधायक देवेंद्र यादव ने पुलिस से सवाल उठाते हुए कहा कि जब अन्य मामलों में केंद्रीय एजेंसियां जांच कर सकती हैं, तो इस मामले में भी निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
इस वीडियो को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी हुए थे। कुछ पक्षों ने दावा किया था कि वीडियो में दिखाई देने वाला युवक विधायक देवेंद्र यादव हैं।
वहीं, विधायक Devendra Yadav ने इन आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो को मॉर्फ्ड बताया था और इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया था।
इसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
जांच जारी, पुलिस कर रही कार्रवाई
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
विधायक द्वारा दिए गए फोटो और वीडियो सैंपल के आधार पर आगे की जांच की जाएगी
जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Devendra Yadav Video Case: वायरल वीडियो मामले में विधायक देवेंद्र यादव पहुंचे थाने, फोटो-वीडियो सैंपल सौंपा, बोले—3 साल में नहीं हुई जांच



















