पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला: बोले— भरोसा है तो मंत्री-विधायक Z+ सुरक्षा छोड़ दें
बस्तर में कैंप, भ्रष्टाचार, धर्मांतरण कानून और PWD पर साधा निशाना..

पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर सरकार को नक्सलवाद खत्म होने पर भरोसा है, तो मंत्रियों और विधायकों को अपनी Z+ सुरक्षा छोड़ देनी चाहिए। पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला
पूर्व सीएम बिल्हा विधायक Dharamlal Kaushik के भाई के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके निवास परसदा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला…
नक्सलवाद और सुरक्षा पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार नक्सलवाद खत्म होने का दावा करती है, लेकिन अगर सच में भरोसा है तो मंत्रियों और विधायकों को Z+ सुरक्षा हटाकर आम लोगों के बीच रहना चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा, वहीं प्रदेश में गली-गली शराब बेची जा रही है।
PWD और भ्रष्टाचार पर भी साधा निशाना
पूर्व सीएम ने Public Works Department (PWD) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग में पहले वर्क ऑर्डर जारी किए जा रहे हैं और बाद में टेंडर निकाले जा रहे हैं, जो एक नई और गलत परंपरा बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा कोई विभाग नहीं बचा है जहां भ्रष्टाचार नहीं हो रहा हो।
कवासी लखमा का दिया उदाहरण
पूर्व मुख्यमंत्री ने Kawasi Lakhma का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई, तो उनके खिलाफ Enforcement Directorate (ED) की कार्रवाई की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई कर उनकी आवाज दबाई जा रही है।
कृषि विभाग और नशे की खेती पर आरोप
भूपेश बघेल ने कृषि विभाग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विभाग अफीम और गांजे की खेती को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों की प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं और इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
धर्मांतरण कानून को बताया राजनीतिक
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर को लेकर पूर्व सीएम ने भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में जबरिया धर्मांतरण के कुल 15 मामले सामने आए थे, जिनमें से:
- 8 मामले गलत पाए गए
- 7 मामलों में कार्रवाई की गई
उन्होंने कहा कि यह मामला अभी Supreme Court of India में लंबित है और राज्य सरकार को नोटिस भी मिल चुका है।









