मां-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला: आरोपी को डबल उम्रकैद, छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा फैसला
अवैध संबंध से जुड़े दोहरे हत्याकांड में अदालत का ऐतिहासिक फैसला, पूरे प्रदेश में मचा था सनसनी

मां-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में करीब दो साल पहले हुए मां-बेटी के जघन्य दोहरे हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मां-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला
अदालत ने आरोपी को डबल आजीवन कारावास (दो बार उम्रकैद) की सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के न्यायिक इतिहास में यह पहला मामला है, जिसमें किसी आरोपी को इस तरह की सजा दी गई है। मां-बेटी हत्याकांड में बड़ा फैसला
मां-बेटी की बेरहमी से हुई थी हत्या
यह मामला Bhadra village का है, जहां 28 जुलाई 2024 को मां और बेटी के शव बरामद किए गए थे।
मृतकों की पहचान:
- Santoshi Sahu (मां)
- Mamta Sahu (बेटी)
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दोनों पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या की गई थी।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतका संतोषी साहू का Dilharan Kashyap नामक युवक से प्रेम संबंध था।
पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
जांच में यह भी सामने आया कि:
- घटना से पहले दोनों के बीच लंबी फोन बातचीत हुई थी
- वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था
- पुलिस ने उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया
आरोपी ने कबूला जुर्म
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने:
- वारदात में प्रयुक्त धारदार हथियार
- खून से सने कपड़े
भी बरामद किए, जो इस केस में अहम सबूत साबित हुए।
इसके अलावा, करीब एक दर्जन गवाहों ने भी आरोपी और मृतका के बीच संबंध की पुष्टि की।
इन धाराओं के तहत सुनाई गई सजा
इस मामले में फैसला Rakesh Kumar Verma की अदालत ने सुनाया।
अदालत ने आरोपी को:
- Bharatiya Nyaya Sanhita Section 332(a)
- Bharatiya Nyaya Sanhita Section 103 (दो बार)
के तहत दोषी करार देते हुए डबल आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
क्या होता है डबल आजीवन कारावास
कानूनी जानकारों के अनुसार, डबल आजीवन कारावास का मतलब है कि आरोपी को दोनों सजाएं अलग-अलग अवधि में भुगतनी होंगी, जिससे सजा की अवधि और कठोर हो जाती है।
इस फैसले के बाद आरोपी को जल्द राहत मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।



















