wife Nude Video call: पत्नी पर न्यूड वीडियो कॉल के आरोप वाला तलाक मामला फिर से खुलेगा, हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया
wife Nude Video call

wife Nude Video call : Bilaspur News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पत्नी पर ब्वायफ्रेंड से न्यूड वीडियो कॉल करने के आरोप से जुड़े तलाक मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने महासमुंद फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए मामले की दोबारा सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि CCTV फुटेज वाली सीडी को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा और फैमिली कोर्ट तकनीकी आधार पर ऐसे साक्ष्यों को सीधे खारिज नहीं कर सकता।
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CCTV फुटेज को लेकर हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा) ने कहा कि—
फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा 14 और 20 के तहत फैमिली कोर्ट को यह अधिकार है कि वह विवाद के न्यायसंगत निपटारे के लिए किसी भी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड या साक्ष्य को स्वीकार कर सके, भले ही वह भारतीय साक्ष्य अधिनियम की सभी तकनीकी शर्तों को पूरा न करता हो।
कोर्ट ने कहा कि केवल धारा 65-B के प्रमाणपत्र की कमी के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक सबूत को अस्वीकार करना उचित नहीं है।
2012 में हुई थी शादी, पति-पत्नी के बीच बढ़ा विवाद
प्रकरण के अनुसार, महासमुंद निवासी महिला की शादी वर्ष 2012 में रायगढ़ जिले के तमनार निवासी युवक से हुई थी। पति जिंदल पावर प्लांट में कर्मचारी था, जिसके चलते विवाह के बाद पत्नी उसके साथ तमनार में रहने लगी।
महिला का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद पति ने अतिरिक्त पैसों की मांग शुरू कर दी और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना करने लगा।
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बेडरूम में लगाए गए CCTV कैमरे
पत्नी का आरोप है कि पति ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए बेडरूम में छुपकर CCTV कैमरे लगवाए। इसका विरोध करने पर मारपीट की गई और घर से निकालने की धमकी दी गई।
नवंबर 2019 में दोनों पक्षों के परिजनों ने समझौते की कोशिश की, लेकिन पति साथ रखने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद पत्नी ने तमनार थाने में उत्पीड़न और अवैध CCTV निगरानी की शिकायत दर्ज कराई।
पति-पत्नी की याचिकाएं और फैमिली कोर्ट का फैसला
पत्नी ने फैमिली कोर्ट में दांपत्य अधिकारों की बहाली की याचिका लगाई, जिसे फैमिली कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
वहीं पति ने पत्नी पर क्रूरता, अश्लील चैटिंग और अन्य पुरुषों के साथ वीडियो कॉल करने के आरोप लगाते हुए तलाक की याचिका दायर की।
पति ने आरोपों के समर्थन में CCTV फुटेज की CD पेश की थी, लेकिन फैमिली कोर्ट ने धारा 65-B का प्रमाणपत्र न होने के कारण उसे सबूत मानने से इनकार कर दिया और पति की तलाक याचिका खारिज कर दी।
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अब फिर होगी मामले की सुनवाई
फैमिली कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने—
- फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया
- CCTV फुटेज को रिकॉर्ड पर लेने का निर्देश दिया
- मामले की नवीन सिरे से सुनवाई करने को कहा
यह फैसला पारिवारिक विवादों में डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका को लेकर एक अहम नजीर माना जा रहा है।
wife Nude Video call: पत्नी पर न्यूड वीडियो कॉल के आरोप वाला तलाक मामला फिर से खुलेगा, हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द किया



















