
3 Crore Fraud Case: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में दुर्लभ और कथित रेडिएशन युक्त मूर्ति के नाम पर करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। गांधीनगर थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल ठगी कांड का खुलासा करते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के बनारस से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं मामले का एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने एक विद्युत ठेकेदार को ऐसी मूर्ति दिखाई, जिसके बारे में दावा किया गया कि उसमें रेडिएशन निकलता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमत करोड़ों रुपये है। आरोपियों ने मूर्ति को बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक बताकर भारी मुनाफे का लालच दिया और इसी बहाने ठेकेदार से लगभग 3 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
ऐसे खुला ठगी का राज
कुछ समय बाद जब ठेकेदार को पूरे मामले पर संदेह हुआ, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने गांधीनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
बिहार और बनारस से गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस टीम ने बिहार और उत्तर प्रदेश के बनारस में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से दुर्लभ मूर्तियों और कथित रेडिएशन युक्त वस्तुओं के नाम पर लोगों को झांसा देकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता रहा है।
एक आरोपी अभी भी फरार
पुलिस के मुताबिक मामले का एक अन्य आरोपी फरार है, जिसके पास कथित रेडिएशन वाली मूर्ति होने की जानकारी मिली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। साथ ही ठगी में इस्तेमाल की गई रकम और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस को और खुलासों की उम्मीद
गांधीनगर थाना पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस ठगी नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने प्रदेश या देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।









