
SP-SDO suspend पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मोकामा में हुई चुनावी हिंसा और जनसुराज समर्थक दुलारचंद यादव की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाया है। आयोग ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर SP, SDO समेत 4 प्रशासनिक अफसरों को हटाने और एक SDPO को सस्पेंड करने का आदेश दिया है। आयोग का कहना है कि यह कार्रवाई निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए की गई है। SP-SDO suspend
क्या है पूरा मामला?
- घटना 30 अक्टूबर 2025 की है।
- मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के चुनाव प्रचार के दौरान यह हमला हुआ।
- इसी दौरान RJD से जुड़े और जनसुराज समर्थक माने जाने वाले दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
किस पर लग रहे हैं आरोप?
- मृतक के समर्थकों का आरोप है कि इस हत्या के पीछे बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह का हाथ है।
- वहीं, अनंत सिंह ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह सब सूरजभान सिंह की साजिश है।
- इस घटना के कारण मोकामा और आस-पास के इलाकों में चुनावी माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
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EC ने किन अधिकारियों पर लिया एक्शन?
| कार्रवाई | हटाए गए अधिकारी | नए अधिकारी की तैनाती |
|---|---|---|
| SDO हटाए गए | वर्तमान SDO | IAS आशीष कुमार (2022 बैच) |
| SDPO सस्पेंड | अभिषेक सिंह | DSP आयुष श्रीवास्तव (ATS) |
| SDPO बदले गए | राकेश कुमार | DSP आनंद कुमार सिंह (CID) |
| SP और अन्य अधिकारी | नाम सार्वजनिक नहीं | जल्द की जाएगी नई तैनाती |
EC ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा है:
✅ “क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही और चुनाव की निष्पक्षता को खतरा देखते हुए यह कदम उठाया गया है।”
✅ “हिंसा पर काबू पाने और मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाने के लिए आवश्यक बदलाव किए गए हैं।”
✅ “पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।”
राजनीतिक हलचल तेज
- अनंत सिंह इस बार JDU के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में थे।
- ऐसे में उनकी भूमिका पर उठे सवालों ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है।
- विपक्ष इसे सरकार की विफलता बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष कह रहा है कि कानून अपना काम कर रहा है।









