EPFO Higher Pension Update: हाई कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला, इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ
बिलासपुर हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 1 सितंबर 2014 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारी, जिन्होंने सेवा के दौरान उच्च पेंशन का विकल्प नहीं चुना, वे बाद में इस लाभ का दावा नहीं कर सकते।

EPFO Higher Pension Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की उच्च पेंशन (Higher Pension) योजना को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा है कि 1 सितंबर 2014 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी, जिन्होंने सेवा के दौरान उच्च पेंशन का विकल्प नहीं चुना, वे बाद में इस योजना का लाभ नहीं ले सकते।
डिवीजन बेंच ने अपील खारिज की
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी डेयरी फेडरेशन के पूर्व कर्मचारी भगवती वर्मा सहित 10 से अधिक याचिकाकर्ताओं की रिट अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने सिंगल बेंच के 15 अप्रैल 2026 के फैसले को सही ठहराते हुए उसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
क्या था पूरा मामला?
याचिकाकर्ताओं ने EPFO के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें वास्तविक वेतन (Actual Salary) के आधार पर उच्च पेंशन का लाभ देने से इनकार कर दिया गया था। इससे पहले सिंगल बेंच ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने डिवीजन बेंच में अपील दायर की।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने बताया कि यही कानूनी प्रश्न पहले आर.के. चालिसगांवकर बनाम EPFO मामले में तय किया जा चुका है। डिवीजन बेंच ने माना कि वर्तमान मामला उसी कानूनी सिद्धांत से पूरी तरह आच्छादित है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि:
- ईपीएस-1995 (Employees’ Pension Scheme-1995) के अनुसार 58 वर्ष की आयु पूरी होने या पेंशन मिलने के बाद कर्मचारी पेंशन फंड का सदस्य नहीं रहता।
- 1 सितंबर 2014 का संशोधन केवल उन कर्मचारियों पर लागू होता है, जो उस तारीख को सेवा में थे।
- जो कर्मचारी 1 सितंबर 2014 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके थे और उन्होंने सेवा के दौरान उच्च पेंशन का विकल्प नहीं चुना, वे बाद में इस लाभ का दावा नहीं कर सकते।
सिंगल बेंच का फैसला बरकरार
डिवीजन बेंच ने कहा कि सिंगल बेंच का आदेश कानून और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर पूरी तरह सही है। जब तक आदेश में कोई स्पष्ट कानूनी त्रुटि या गंभीर खामी न हो, तब तक उसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी रिट अपीलों को खारिज कर दिया।
फैसले की प्रमुख बातें
- 1 सितंबर 2014 से पहले रिटायर कर्मचारियों को राहत नहीं।
- सेवा के दौरान उच्च पेंशन का विकल्प चुनना आवश्यक।
- डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच का फैसला बरकरार रखा।
- EPFO उच्च पेंशन मामले में कर्मचारियों की रिट अपील खारिज।









