पुलिस ही बनी किडनैपर: हेड कॉन्स्टेबल और SHO ने किया अपहरण, 20 लाख की मांगी फिरौती, 7 सस्पेंड…
गाजियाबाद-बुलंदशहर कनेक्शन उजागर, गलत व्यक्ति का किया अपहरण, मुख्य आरोपी फरार

पुलिस ही बनी किडनैपर: Ghaziabad और Bulandshahr से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिसकर्मियों पर ही अपहरण और फिरौती मांगने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामले में SHO समेत कुल 7 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ही बनी किडनैपर
हेड कॉन्स्टेबल और SHO ने मिलकर रची साजिश
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद पुलिस लाइंस में तैनात हेड कॉन्स्टेबल विनीत कुमार ने सिकंदराबाद थाने के SHO नीरज मलिक के साथ मिलकर एक व्यक्ति का अपहरण किया।
बताया जा रहा है कि दोनों आपस में रिश्तेदार हैं और योजना बनाकर 30 अप्रैल को वारदात को अंजाम दिया गया।
थाने में ही रखा बंद, 20 लाख की मांगी फिरौती
आरोप है कि पीड़ित सलमान को थाने में ही बंद रखा गया और उसे छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। बाद में सौदा 6 लाख रुपये में तय कर पीड़ित को छोड़ा गया।
पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत Kalanidhi Naithani (डीआईजी मेरठ) से की, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
गलत व्यक्ति का कर लिया अपहरण
जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस जिस सलमान को पकड़ना चाहती थी, वह एक हिस्ट्रीशीटर और हथियार तस्कर है। लेकिन पहचान में गलती के चलते दूसरे व्यक्ति का अपहरण कर लिया गया।
यह लापरवाही पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
7 पुलिसकर्मी सस्पेंड, मुख्य आरोपी फरार
जांच रिपोर्ट के आधार पर SHO नीरज मलिक, एसएसआई अरुण कुमार, चौकी इंचार्ज अमित कुमार, हेड कॉन्स्टेबल योगेश उर्फ विनीत कुमार समेत कुल 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
मुख्य आरोपी विनीत कुमार फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।


















