BSP में करोड़ों की चोरी: भिलाई स्टील प्लांट में लोहे की तस्करी, फ्लाई ऐश की आड़ में चल रहा था बड़ा खेल, 250 टन जब्त
भिलाई स्टील प्लांट से ‘गायब’ हो रहा था लोहा! पुलिस रेड में खुला करोड़ों के स्क्रैप घोटाले का राज
BSP में करोड़ों की चोरी: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले स्थित Bhilai Steel Plant से करोड़ों रुपये के लोहे की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फ्लाई ऐश की आड़ में संयंत्र से भारी मात्रा में लोहा बाहर निकालने का खुलासा होने के बाद पुलिस और बीएसपी प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। BSP में करोड़ों की चोरी
कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हथखोज और अकलोरडीह इलाके में एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 250 टन संदिग्ध लोहा जब्त किया है, जिसकी कीमत शुरुआती जांच में 1 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इस पूरे मामले ने प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और सीआईएसएफ की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। BSP में करोड़ों की चोरी
जानकारी के मुताबिक पुलिस को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि भिलाई स्टील प्लांट से लोहे की प्लेटें और स्क्रैप चोरी कर बाहर सप्लाई किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध ट्रकों और हाईवा वाहनों पर निगरानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों का पीछा करते हुए हथखोज स्थित एक गोदाम तक पहुंची, जहां ट्रकों के अंदर प्रवेश करते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दी।
छावनी सीएसपी प्रशांत कुमार पैकरा और भिलाई-3 थाना पुलिस की टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से जब्त सामग्री से जुड़े दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई वैध कागजात पेश नहीं किए जा सके। इसके बाद पुलिस ने पूरे यार्ड और गोदाम की तलाशी ली, जिसमें करीब 250 टन संदिग्ध लोहा बरामद हुआ। पुलिस को आशंका है कि यह लोहा बीएसपी की एसएमएस-3 यूनिट से चोरी कर यहां लाया गया था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि ट्रकों में नीचे लोहे की प्लेटें और स्क्रैप छिपाकर रखा जाता था, जबकि ऊपर फ्लाई ऐश डाल दी जाती थी ताकि सुरक्षा जांच के दौरान शक न हो। पुलिस ने जब दो हाईवा वाहनों की गहन जांच की, तो ऊपर फ्लाई ऐश दिखाई दी, लेकिन अंदर टनों के हिसाब से लोहा भरा मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी और सप्लाई के इस खेल में कौन-कौन लोग शामिल हैं और प्लांट से बाहर सामग्री किस तरह पहुंचाई जा रही थी। वहीं बीएसपी प्रबंधन ने भी अलग से जांच टीम गठित कर दी है, जो सुरक्षा व्यवस्था, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और संदिग्ध कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।








