DPI का सख्त एक्शन: सभी JD-DEO और BEO को कड़ा पत्र जारी, 10 जून तक HRMIS पोर्टल अपडेट करने के निर्देश
शिक्षा विभाग के कर्मचारियों का सेवा विवरण अधूरा मिलने पर DPI नाराज, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई

DPI का सख्त एक्शन: छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी अब तक अपडेट नहीं होने पर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों (JD), जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को पत्र जारी कर HRMIS पोर्टल में कर्मचारियों का पूरा सेवा विवरण तत्काल अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। DPI का सख्त एक्शन

DPI द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि विभाग के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की जानकारी अब तक पूर्ण रूप से अपडेट नहीं की गई है, जबकि इसके लिए पूर्व में भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी अधिकारियों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि 27 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत सभी संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों की नियुक्ति, पदोन्नति, स्थापना, पदस्थापना और अन्य सेवा संबंधी विवरण अपडेट करने कहा गया था। इसके बावजूद कई जिलों और विकासखंडों में अब तक जानकारी अधूरी है।
DPI ने निर्देश दिया है कि विभागीय HRMIS पोर्टल में सभी कर्मचारियों का सेवा रिकॉर्ड 10 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए। विभाग का कहना है कि सही और अद्यतन जानकारी स्थानांतरण, पदोन्नति, वेतन और अन्य प्रशासनिक निर्णयों के लिए बेहद जरूरी है।
विभाग ने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और यह सुनिश्चित करने कहा है कि किसी भी कर्मचारी का रिकॉर्ड लंबित न रहे। साथ ही डेटा एंट्री और अपडेट प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक HRMIS पोर्टल के जरिए राज्यभर के कर्मचारियों का डिजिटल सेवा रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है ताकि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाई जा सके। हालांकि कई जिलों में जानकारी अधूरी होने के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे थे।
DPI के इस सख्त निर्देश के बाद शिक्षा विभाग के मैदानी अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि तय समय सीमा तक जानकारी अपडेट नहीं करने वाले अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया जा सकता है।








