Bilaspur High Court: 42% दिव्यांग महिला कर्मचारी का 546 किमी दूर तबादला, हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
स्थानांतरण नीति के उल्लंघन का आरोप, राज्य सरकार को शपथ पत्र के साथ 17 जून तक जवाब देने के निर्देश

Bilaspur High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 42 प्रतिशत दिव्यांग महिला कर्मचारी के 546 किलोमीटर दूर किए गए तबादले के मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत पूर्णिमा उपाध्याय ने अपने स्थानांतरण आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता पूर्णिमा उपाध्याय वर्तमान में महिला एवं बाल विकास विभाग, बिलासपुर में पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत हैं। राज्य शासन द्वारा 30 मई 2026 को जारी स्थानांतरण आदेश के तहत उनका तबादला बिलासपुर से बीजापुर कर दिया गया, जो वर्तमान पदस्थापना स्थल से लगभग 546 किलोमीटर दूर है।
42% स्थायी दिव्यांगता से पीड़ित हैं याचिकाकर्ता
मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सी. जयंत के. राव ने कोर्ट को बताया कि पूर्णिमा उपाध्याय 42 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता से पीड़ित हैं, जिसका प्रमाण सक्षम मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया गया है। उन्होंने कोर्ट के समक्ष दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया।
स्थानांतरण नीति के उल्लंघन का आरोप
याचिका में कहा गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 30 अगस्त 2010 को जारी परिपत्र के अनुसार शारीरिक रूप से दिव्यांग कर्मचारियों को सामान्यतः उनके गृह जिले या निकटवर्ती स्थानों पर पदस्थ किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने नीति की अनदेखी करते हुए पूर्णिमा उपाध्याय का तबादला बीजापुर कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर शारीरिक और पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। याचिका में उन्हें बिलासपुर या किसी नजदीकी जिले में समायोजित करने की मांग की गई है।
हाई कोर्ट ने मांगा शपथ पत्र के साथ जवाब
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से उपस्थित डिप्टी गवर्नमेंट एडवोकेट दीक्षा गौराहा को निर्देश दिया कि वे दिव्यांग कर्मचारियों के स्थानांतरण और पदस्थापना संबंधी नीति की जानकारी रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि क्या याचिकाकर्ता को राज्य सरकार की नीति के अनुसार बिलासपुर या किसी निकटवर्ती स्थान पर समायोजित किया जा सकता है।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 जून 2026 को होगी।









