स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे और धर्म ध्वजा के साथ आगे बढ़ी भावना बोहरा की कांवड़ यात्रा, राष्ट्रभक्ति और सनातन आस्था का दिखा संगम
स्वतंत्रता दिवस पर भावना बोहरा 600 कांवड़ियों के साथ 151 किमी लंबी अमरकंटक-भोरमदेव कांवड़ यात्रा में शामिल हुईं। तिरंगे और धर्म ध्वजा के साथ यात्रा का भव्य स्वागत हुआ।

151 किमी कांवड़ यात्रा के छठवें दिन 600 कांवड़ियों के साथ बोड़ला के लिए रवाना हुईं पंडरिया विधायक भावना बोहरा, जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
कबीरधाम/रायपुर। माँ नर्मदा मंदिर, अमरकंटक से भोरमदेव तक निकाली जा रही 151 किलोमीटर लंबी कांवड़ पदयात्रा के छठवें दिन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति और सनातन आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने शासकीय विद्यालय डोंगरिया में ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने करीब 600 कांवड़ियों के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर बोड़ला के लिए पदयात्रा शुरू की।
स्वतंत्रता दिवस के विशेष अवसर पर यात्रा में शामिल कांवड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। यात्रा के दौरान एक हाथ में राष्ट्र के गौरव का प्रतीक तिरंगा और दूसरे हाथ में धर्म ध्वजा लिए कांवड़िए भोरमदेव की ओर आगे बढ़ते नजर आए।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
कांवड़ यात्रा पांडातराई नगर, गंडईकला रोड, कुसुमघटा, नेऊरगांव कला, तरेगांव मैदान रोड और खंतीपारा रोड होते हुए बोड़ला पहुंचेगी। यात्रा के मार्ग में क्षेत्रवासियों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न सामाजिक और हिंदू संगठनों द्वारा विधायक भावना बोहरा और कांवड़ियों का पुष्पवर्षा एवं बाजे-गाजे के साथ स्वागत किया गया।
कांवड़ियों ने ‘बोल बम’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ अपनी यात्रा जारी रखी।
कठिन रास्तों के बावजूद जारी रहा उत्साह
अमरकंटक से शुरू हुई इस यात्रा में कांवड़ियों को घने जंगलों, पहाड़ी रास्तों, उफनती नदियों और तेज बारिश जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है।
भावना बोहरा ने कहा- राष्ट्रभक्ति और आस्था हमारी शक्ति
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके कारण आज देशवासी स्वतंत्र भारत में अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “माँ भारती के प्रति श्रद्धा और बाबा भोलेनाथ के प्रति आस्था हमारी शक्ति है।” इसी भावना के साथ देश की एकता, अखंडता, सुख-समृद्धि और सर्वमंगल की कामना लेकर कांवड़ यात्रा आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि एक हाथ में तिरंगा और दूसरे हाथ में धर्म ध्वजा भारतीय संस्कृति और धार्मिक चेतना का प्रतीक है।
16 अगस्त को भोरमदेव में होगा जलाभिषेक
यात्रा के अंतिम दिन 16 अगस्त को बोड़ला से भोरमदेव धाम तक पदयात्रा की जाएगी। इसके बाद भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और प्रदेशवासियों की खुशहाली की मंगलकामना की जाएगी।
भावना बोहरा ने कबीरधाम जिले के शिवभक्तों से 16 अगस्त को भोरमदेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और इस पुण्य यात्रा में सहभागी बनने की अपील की।










