Chhattisgarh Gaudham Yojana: पशुधन संरक्षण के लिए साय सरकार की बड़ी पहल, कल से शुरू होगी ‘गौधाम योजना’
Chhattisgarh Gaudham Yojana

Chhattisgarh Gaudham Yojana : रायपुर। छत्तीसगढ़ में पशुधन संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai गुरुवार को Lakhassar Village से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में आवारा पशुओं के संरक्षण के साथ-साथ पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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गौधाम में पशुओं के लिए बेहतर व्यवस्था
कृषि मंत्री Ramvichar Netam ने बताया कि गौधाम योजना के तहत बनाए जाने वाले केंद्रों में पशुओं के लिए चारा, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। इन केंद्रों में लावारिस पशुओं को भी सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे गांवों और शहरों में आवारा पशुओं की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
मंत्री नेताम ने इस मुद्दे पर Indian National Congress की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गोबर खरीदी योजना में कई अनियमितताएं हुई थीं। उनका आरोप है कि पिछली सरकार के दौरान कई मामलों में कागजों में ज्यादा गोबर खरीदी दिखाकर रिकॉर्ड तैयार किए गए, जबकि वास्तविक संख्या में उतने पशु मौजूद नहीं थे।
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बजट में मिला विशेष महत्व
राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में गौधाम योजना को विशेष प्राथमिकता दी है। करीब 1.72 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन को मजबूत करने के लिए इस योजना में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
सरकार की योजना के तहत प्रदेश के पुराने गौठानों को उन्नत ‘गौधाम’ में विकसित किया जाएगा। यहां लावारिस पशुओं के संरक्षण के साथ-साथ उनके लिए चारे, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
गौशालाओं के अनुदान में बढ़ोतरी
राज्य सरकार ने गौशालाओं को मिलने वाले अनुदान में भी वृद्धि की है।
- अब प्रति मवेशी मिलने वाली राशि 25 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।
- इसके अलावा गौधाम में काम करने वाले गौसेवकों और चरवाहों को 10 हजार से 13 हजार रुपये तक मासिक मानदेय देने का भी प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस योजना से पशुधन संरक्षण, किसानों को सहूलियत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

















