1.11 करोड़ रुपये की ठगी: फर्जी मैट्रिमोनियल साइट से देशभर में ठगी, 26 आरोपी गिरफ्तार
लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहा था ठगी का नेटवर्क, 2022 से अब तक 7,693 लोगों को बनाया शिकार

1.11 करोड़ रुपये की ठगी: छत्तीसगढ़ के Raigarh जिले में साइबर पुलिस ने फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए देशभर में ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस बड़ी कार्रवाई में दो संचालकों सहित कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
लोक सेवा केंद्र की आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोक सेवा केंद्र की आड़ में अपना नेटवर्क चला रहा था।
मुख्य खुलासे:
- बाहर से लाइसेंस और RTO कार्य किए जाने का दिखावा
- अंदर अलग-अलग कमरों में फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे
- वीडियो एडिटिंग और कॉल सेंटर के जरिए ठगी का संचालन
- युवतियों के माध्यम से लोगों को शादी के नाम पर फंसाया जाता था
फर्जी प्रोफाइल बनाकर वसूले जाते थे पैसे
गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से ऑनलाइन ठगी को अंजाम देता था।
ठगी का तरीका:
- फर्जी Gmail ID, मोबाइल नंबर और YouTube चैनल बनाए जाते थे
- नकली मैट्रिमोनियल प्रोफाइल तैयार कर लोगों से संपर्क
- रजिस्ट्रेशन फीस और मीटिंग फीस के नाम पर पैसे वसूले जाते थे
- UPI के जरिए ठगी की रकम जमा कराई जाती थी
7,693 लोगों को बनाया शिकार, 1.11 करोड़ की ठगी
पुलिस जांच में बड़ा आंकड़ा सामने आया है।
मुख्य तथ्य:
- वर्ष 2022 से अब तक नेटवर्क सक्रिय था
- 7,693 लोगों को अपना शिकार बनाया
- करीब 1.11 करोड़ रुपये की ठगी की गई
- मुख्य आरोपी कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के जरिए RTO कार्य करता था
- आईडी निरस्त होने के बाद उसने यह अवैध नेटवर्क खड़ा किया
पुलिस ने भारी मात्रा में सामान किया जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से कई डिजिटल उपकरण बरामद किए।
जब्त सामग्री:
- 55 मोबाइल फोन
- 13 लैपटॉप
- 2 प्रिंटर
- 3 बैंक खातों से जुड़ी सामग्री
पुलिस की अपील: ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर रहें सतर्क
पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।


















