LIVE UPDATE
छत्तीसगढब्रेकिंग न्यूज़राज्य

NIT Chowpatty Nalanda Phase 2 NIT चौपाटी से नालंदा फेज-2 : अनैतिक गतिविधियों के आरोपों के बाद हटी चौपाटी, अब 21 करोड़ का आधुनिक स्टडी हब बनेगा

NIT Chowpatty Nalanda Phase 2

NIT Chowpatty Nalanda Phase 2 NIT चौपाटी से नालंदा फेज-2 तक

विवाद, कार्रवाई और विकास की पूरी कहानी

अनैतिक गतिविधियों के आरोपों के बाद हटी NIT चौपाटी, अब 21 करोड़ का अत्याधुनिक स्टडी हब बनेगा

रायपुर | 21 जनवरी 2026

राजधानी रायपुर के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में जीई रोड पर NIT कॉलेज के सामने स्थित NIT चौपाटी लंबे समय से विवादों के घेरे में थी। जिस स्थान को कभी युवाओं के लिए मनोरंजन और खानपान के उद्देश्य से विकसित किया गया था, वही जगह समय के साथ अनैतिक गतिविधियों, अव्यवस्था और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनती चली गई।

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब उसी स्थान पर 21 करोड़ रुपये की लागत से ‘नालंदा परिसर फेज-2’ का निर्माण होने जा रहा है, जिसका भव्य भूमिपूजन 23 जनवरी (शुक्रवार) को दोपहर 3 बजे प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत द्वारा किया जाएगा।

कब और कैसे शुरू हुआ NIT चौपाटी का विवाद?

नगर निगम रायपुर द्वारा कुछ वर्ष पूर्व NIT कॉलेज के सामने इस स्थान को चौपाटी के रूप में विकसित किया गया था। उद्देश्य था कि—

  • छात्रों को बैठने और भोजन की सुविधा मिले
  • शैक्षणिक क्षेत्र में एक सामाजिक स्पेस बने

लेकिन समय बीतने के साथ NIT चौपाटी अपने मूल उद्देश्य से भटकती चली गई।

स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाए कि—

  • देर रात तक असामाजिक तत्वों की आवाजाही
  • नशाखोरी और अवांछित गतिविधियाँ
  • छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता
  • पढ़ाई के माहौल पर नकारात्मक असर

इन शिकायतों को लेकर कई बार नगर निगम और प्रशासन से लिखित शिकायतें की गईं।

निगम और भाजपा सरकार का सख्त फैसला

लगातार बढ़ते विवाद और जनदबाव के बाद नगर निगम रायपुर और भाजपा सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया।
रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण कर स्पष्ट निर्देश दिए कि—

“शिक्षा के केंद्र में युवाओं की बर्बादी का कोई भी अड्डा स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

इसके बाद—

  • NIT चौपाटी को हटाने का निर्णय लिया गया
  • अव्यवस्थित ढांचों को ध्वस्त किया गया
  • भूमि को शिक्षा आधारित परियोजना के लिए सुरक्षित किया गया

यह फैसला युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया एक बड़ा और निर्णायक कदम माना गया।

NIT चौपाटी हटने के बाद क्या बना प्लान?

NIT चौपाटी हटने के बाद सबसे बड़ा सवाल था कि इस महत्वपूर्ण स्थान का उपयोग कैसे होगा।
इसी दौरान विधायक राजेश मूणत का मास्टरप्लान सामने आया।

पहले से सफल नालंदा परिसरों की तर्ज पर तय किया गया कि—

  • यहां एक आधुनिक और अनुशासित अध्ययन केंद्र बने
  • जहां पढ़ाई, स्वास्थ्य और सुविधाओं का समन्वय हो

राज्य शासन की स्वीकृति के बाद 21 करोड़ रुपये की लागत से ‘नालंदा परिसर फेज-2’ के निर्माण का निर्णय लिया गया।

 

23 जनवरी को होगा भव्य भूमिपूजन

अब उसी स्थान पर 23 जनवरी 2026 को नालंदा फेज-2 का भूमिपूजन किया जाएगा।

मुख्य अतिथि
➡️ माननीय उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव

विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे—
➡️ सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल
➡️ विधायक श्री सुनील सोनी
➡️ विधायक श्री मोतीलाल साहू
➡️ विधायक श्री पुरंदर मिश्रा
➡️ विधायक श्री अनुज शर्मा
➡️ महापौर श्रीमती मीनल चौबे

नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 

 

नालंदा फेज-2 में क्या होगा खास?

  • G+3 भवन, कुल क्षेत्रफल 5,615 वर्ग मीटर
  • एक साथ 1,000 से अधिक छात्र पढ़ सकेंगे
  • 90 सीटों का लेक्चर हॉल
  • 11,500+ पुस्तकों की लाइब्रेरी
  • हाई-टेक ई-लाइब्रेरी
  • जिम और स्पोर्ट्स ज़ोन (Study with Fitness Concept)
  • कैफेटेरिया, इंडोर गेम्स और ग्रुप स्टडी ज़ोन
  • 3,500 वर्ग मीटर पार्किंग और ग्रीन ज़ोन

NIT चौपाटी से ‘ज्ञान के केंद्र’ तक

जहां कभी NIT चौपाटी को लेकर विवाद और अनैतिक गतिविधियों के आरोप लगते थे,
वहीं अब ज्ञान, अनुशासन और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जा रही है।

NIT चौपाटी से नालंदा फेज-2 तक का यह सफर रायपुर के शहरी विकास और युवा नीति का मजबूत उदाहरण बन गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *