RAIPUR BREAKING: शिक्षकों की कमी- भारी बारिश में धरने पर बैठे सैकड़ों स्कूली बच्चे: तामासिवनी में शिक्षकों की कमी से शिक्षा संकट,
तामासिवनी में शिक्षकों की कमी से शिक्षा संकट, भारी बारिश में धरने पर बैठे सैकड़ों बच्चे

RAIPUR BREAKING – गणित, अंग्रेजी, भौतिकी और एनसीसी के शिक्षक की मांग; 2017 से आवेदन के बावजूद नहीं हुआ समाधान, लिखित आश्वासन पर अड़े विद्यार्थी
अभनपुर। विकासखंड के ग्राम पंचायत तमासिवनी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र-छात्राओं का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया। गणित, अंग्रेजी, भौतिकी, एनसीसी सहित विभिन्न विषयों के शिक्षकों की मांग को लेकर सैकड़ों विद्यार्थी भारी बारिश के बीच धरने पर बैठ गए।
विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी की समस्या आज की नहीं है। वर्ष 2017 से लगातार शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर कई बार आवेदन और शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों की बढ़ी परेशानी
शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई में परेशानी हो रही है। खासकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि विषयवार शिक्षक नहीं होने से उनका पाठ्यक्रम और परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है।
विद्यार्थियों ने कहा कि लंबे समय से अधिकारियों और जिम्मेदारों को समस्या से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन हर बार आश्वासन के बाद मामला आगे नहीं बढ़ पाया।
भारी बारिश में भी धरने पर डटे रहे बच्चे
शिक्षकों की मांग को लेकर विद्यार्थी उस समय भी धरने पर बैठे रहे, जब क्षेत्र में भारी बारिश हो रही थी। बच्चों के इस प्रदर्शन ने स्कूल में शिक्षकों की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और जल्द शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने का मौखिक आश्वासन दिया।
मौखिक आश्वासन से नहीं माने विद्यार्थी
अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद विद्यार्थी धरना समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हुए। छात्रों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें अब केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं है।
विद्यार्थियों की मांग है कि शिक्षकों की व्यवस्था को लेकर उन्हें लिखित आश्वासन दिया जाए। छात्रों का कहना है कि पहले भी कई बार मौखिक रूप से जल्द समाधान का भरोसा दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही।
ग्रामीणों और पालकों ने भी किया समर्थन
बच्चों के आंदोलन को ग्रामीणों और पालकों का भी समर्थन मिला है। पालकों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने का सबसे ज्यादा नुकसान गांव के बच्चों को उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द आवश्यक विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
अब सवाल यह है कि 2017 से चली आ रही शिक्षकों की कमी की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? भारी बारिश में बच्चों के धरने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है, इस पर सभी की नजर है।

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