CG POCSO Court Verdict: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी सौतेले पिता को अंतिम सांस तक जेल की सजा
बिलासपुर पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को कठोरतम सजा

CG POCSO Court Verdict: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में आरोपी सौतेले पिता को कठोरतम सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा देते हुए पीड़िता के पुनर्वास के लिए 7 लाख रुपये मुआवजा देने की अनुशंसा की है।
अपर सत्र न्यायाधीश पूजा जायसवाल की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने नाबालिग बच्ची के विश्वास, सुरक्षा और संरक्षण के अधिकार का गंभीर उल्लंघन किया है। अदालत ने मामले को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मानते हुए कठोर दंड दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता की मां ने आरोपी के साथ विवाह किया था। बाद में परिवार मुंबई चला गया, जहां आरोपी ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया और उसे धमकाकर चुप रहने के लिए मजबूर किया। परिवार के छत्तीसगढ़ लौटने के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सकीय जांच कराई गई, जिसमें उसके गर्भवती होने का खुलासा हुआ। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
जांच के दौरान पुलिस ने नवजात और आरोपी के रक्त नमूनों की डीएनए जांच कराई। फॉरेंसिक रिपोर्ट में आरोपी और नवजात के जैविक संबंध की पुष्टि हुई। अदालत ने डीएनए रिपोर्ट, चिकित्सकीय साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नाबालिग बच्चों के साथ यौन अपराध समाज और कानून दोनों की दृष्टि से अत्यंत गंभीर अपराध हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।









