CG थानेदार सस्पेंड: अवैध शराब कारोबार पर गिरी गाज, रायपुर ग्रामीण SP ने TI को किया सस्पेंड, 7 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
गोबरा नवापारा में अवैध शराब, जुआ-सट्टे पर नियंत्रण नहीं कर पाए थाना प्रभारी, संदिग्ध आचरण के आरोप के बाद बड़ी कार्रवाई
CG थानेदार सस्पेंड: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने गोबरा नवापारा थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक झा को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। CG थानेदार सस्पेंड
जानकारी के अनुसार गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री, जुआ और सट्टे के संचालन की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा थाना प्रभारी को इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध कारोबार जारी रहने की शिकायतें सामने आती रहीं।
मामला तब और गंभीर हो गया जब 29 मई को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की ग्रामीण टीम ने गोबरा नवापारा स्थित लल्ला सोनवानी के ढाबे पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान ढाबे में अवैध रूप से शराब बिक्री की पुष्टि हुई। छापे की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे थे।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि कार्रवाई के दौरान निरीक्षक दीपेश जायसवाल का व्यवहार संदिग्ध पाया गया। आरोप है कि उन्होंने मुख्य आरोपी लल्ला सोनवानी के साथ एकांत में बातचीत की, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता से लिया। विभाग ने इसे अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण की श्रेणी में माना है।
प्राथमिक जांच में थाना प्रभारी की भूमिका और क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने के बाद रायपुर ग्रामीण एसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है।
इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक झा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि अवैध कारोबार को संरक्षण देने या लापरवाही बरतने वाले अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी आने वाले दिनों में कार्रवाई हो सकती है।









