CG Teacher News : रिश्वतखोर बाबू की बल्ले- बल्ले: जहां रिश्वत लेकर हुआ सस्पेंड, उसी जगह हुआ बहाल, मेडिकल बिल पास करने के एवज में 10% कमीशन

CG Teacher News बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बिलासपुर DEO कार्यालय में शिक्षक से मेडिकल बिल पास करने के एवज में 10 फीसदी कमीशन मांगने वाले क्लर्क को न केवल बहाल कर दिया गया है, बल्कि उसे उसी जगह और उसी कुर्सी पर दोबारा बैठा दिया गया है।
यह वही क्लर्क है जिसका रिश्वत मांगने वाला ऑडियो वायरल हुआ था। उस समय डीईओ ने क्लर्क को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन अब सिर्फ चेतावनी देकर बहाल कर दिया गया है। इस फैसले से मस्तूरी ब्लॉक के शिक्षकों में भारी रोष है। CG Teacher News
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क्या है पूरा मामला?
मामला शासकीय प्राथमिक शाला खपरी के शिक्षक संतोष कुमार साहू से जुड़ा है। उन्होंने मेडिकल बिल भुगतान (₹1,87,459) के लिए बीईओ कार्यालय मस्तूरी में आवेदन दिया था। जांच के बाद बिल स्वीकृत हुआ, लेकिन सहायक ग्रेड-2 सी.एस. नौरके ने 9 जुलाई की रात 8:30 बजे शिक्षक को फोन कर बिल पास करने के लिए 10% कमीशन मांगा। शिक्षक ने रिश्वत देने से इनकार किया, तो नौरके ने भुगतान रोक दिया। इसके बाद शिक्षक ने आडियो रिकॉर्डिंग सहित कलेक्टर और डीईओ को शिकायत दी। जांच में आरोप सही पाए गए और क्लर्क को निलंबित (Suspended) किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सिर्फ 44 दिनों में उसे चेतावनी देकर दोबारा बहाल कर दिया गया।
शिक्षकों में आक्रोश — “भ्रष्टाचार को मिली खुली छूट”
शिक्षक संगठन के सदस्यों का कहना है कि यह बहाली पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है। एक शिक्षक ने कहा — “जिस अधिकारी ने रिश्वत मांगी थी, उसे उसी कुर्सी पर बैठा देना यह दिखाता है कि भ्रष्टाचारियों को यहां डर नहीं है।”
शिक्षकों में नाराजगी इतनी है कि वे जल्द ही कलेक्टर को सामूहिक ज्ञापन देने की तैयारी कर रहे हैं।
डीईओ का अजीबो-गरीब बयान
जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने बताया कि “मस्तूरी जाने के लिए कोई तैयार नहीं था, इसलिए बहाली करनी पड़ी। दोष सिद्ध हुआ है, इसलिए वेतनवृद्धि रोकी गई है और चेतावनी दी गई है। दोबारा ऐसा करने पर टर्मिनेट कर देंगे।”
हालांकि, डीईओ का यह जवाब विवादों को और बढ़ा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि जब दोष साबित हो चुका है, तो फिर बहाली की क्या जरूरत थी?
अब सवाल उठता है…
- क्या भ्रष्ट अधिकारियों को सजा मिलना अब नामुमकिन है?
- क्या डीईओ कार्यालय में घूसखोरी का नेटवर्क सक्रिय है?
- क्या सरकार इस पर सख्त कार्रवाई करेगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में जाएगा?
CG Teacher News : रिश्वतखोर बाबू की बल्ले- बल्ले: जहां रिश्वत लेकर हुआ सस्पेंड, उसी जगह हुआ बहाल, मेडिकल बिल पास करने के एवज में 10% कमीशन



















