छत्तीसगढ

सपेरा बस्ती के बच्चों ने सांप-सीढ़ी खेलकर सीखे बाल अधिकार, डॉ. वर्णिका शर्मा ने बाल विवाह रोकने के दिए सख्त निर्देश

रायपुर, 10 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की अध्यक्षता में तिल्दा-नेवरा के सिनोधा स्थित सपेरा बस्ती में बाल चौपाल 2.0 का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने सांप-सीढ़ी के अनोखे खेल के माध्यम से बाल अधिकार, शिक्षा, अच्छी आदतों और बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश सीखे।

कार्यक्रम के दौरान यह सामने आया कि घुमंतू जीवनशैली के कारण सपेरा बस्ती के कई बच्चे शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं। अधिकांश बच्चों का जन्म अस्पताल में नहीं होने से उनके जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, नियमित टीकाकरण सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं बन पाए हैं। इसके चलते उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्थानीय लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और आवश्यक दस्तावेज बनवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दस्तावेज बनने के बाद बच्चों और उनके परिवारों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

बाल चौपाल में सिनोधा के शासकीय मिडिल स्कूल के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। साथ ही बाल श्रम, बाल विवाह और गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी।

कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि सपेरा समुदाय के कुछ परिवारों में अब भी बाल विवाह की परंपरा प्रचलित है। इस पर गंभीरता दिखाते हुए आयोग अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को बाल विवाह की रोकथाम, जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बाल चौपाल में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। बजरंगी मरावी ने हिप-हॉप नृत्य, जानवी यादव ने जस गीत प्रस्तुत किया, जबकि चार वर्षीय सुनीता ने अपनी कहानी सुनाकर सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा बाल अधिकारों पर आधारित विशेष सांप-सीढ़ी गतिविधि रही। सपेरा समुदाय की जीवनशैली को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस खेल के माध्यम से बच्चों को शिक्षा, अच्छे संस्कार, बाल अधिकार और सुरक्षित बचपन का महत्व समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि जैसे खेल में अच्छी चाल सफलता की ओर ले जाती है और गलत चाल पीछे धकेल देती है, उसी तरह जीवन में अच्छी आदतें और शिक्षा उन्हें आगे बढ़ाती हैं, जबकि बुरी आदतें भविष्य को नुकसान पहुंचाती हैं।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल चौपाल 2.0 अभियान लगातार जारी रहेगा और इसके माध्यम से प्रदेशभर में बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ जमीनी स्तर की समस्याओं को समझकर उनका समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

Sanskar Singhaniya

Sanskar Singhaniya is the Founder & Editor-in-Chief of The Bharat Express, with 7 years of experience in journalism and digital media. He primarily covers Chhattisgarh, focusing on politics, governance, administration, crime, public-interest issues, and regional developments. His work emphasizes factual, timely, and reader-focused journalism, with expertise in digital publishing, breaking news, and audience engagement. Through The Bharat Express, Sanskar aims to deliver credible and easy-to-understand news that keeps readers informed about important developments across Chhattisgarh and India.

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