GPM Kidnapping Case: व्यापारी के अपहरण का खुलासा, 20 लाख की फिरौती मांगने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार
तीन दिन के भीतर पुलिस ने व्यापारी को सकुशल छुड़ाया, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के आरोपी गिरफ्तार

GPM Kidnapping Case: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दिनदहाड़े हुए व्यापारी के अपहरण मामले का पुलिस ने तीन दिन के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अपहृत व्यापारी गिरीश यादव को सकुशल बरामद कर लिया है, जबकि इस मामले में तीन अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि मामला केवल फिरौती तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार कथित अवैध कारोबार और आर्थिक विवाद से भी जुड़े हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार 20 जून को मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ निवासी व्यापारी गिरीश यादव का हथियारबंद बदमाशों ने उसके घर से कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
अपहरण के बाद आरोपियों ने घर में छूटे मोबाइल फोन पर कॉल कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी और जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
तीन दिन में पुलिस ने सुलझाया मामला
बिलासपुर रेंज के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में साइबर सेल और मरवाही पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने—
- मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली
- टावर लोकेशन ट्रैक की
- डिजिटल ट्रेल का विश्लेषण किया
- सीसीटीवी फुटेज की जांच की
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही और अपहृत व्यापारी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
तीन राज्यों से जुड़े आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- महाराष्ट्र निवासी पुंडलिक केंद्रे
- राजस्थान निवासी चंद्रशेखर
- उत्तर प्रदेश निवासी शेषपाल सिंह
पुलिस के अनुसार शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने अपहरण और फिरौती की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
पुलिस लिखी स्कॉर्पियो और हथियार बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
- एक पिस्टल
- छह जिंदा कारतूस
- छह मोबाइल फोन
- एक स्कॉर्पियो वाहन
बरामद किया है।
जांच में यह भी सामने आया कि स्कॉर्पियो पर ‘पुलिस’ लिखा हुआ था और उसमें नीली बत्ती भी लगी हुई थी। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि वाहन का उपयोग अन्य किसी आपराधिक गतिविधि में तो नहीं किया गया।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए हैं कि अपहृत व्यापारी और आरोपी पहले से एक-दूसरे के संपर्क में थे। आर्थिक लेन-देन और कथित अवैध कारोबार से जुड़े विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा था।
हालांकि पुलिस पूरे मामले के आर्थिक और आपराधिक पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है तथा इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला केवल अपहरण तक सीमित नहीं है। जांच अब पूरे नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंच चुकी है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।









