भिलाई में ‘संविधान बचाओ सभा’ का भव्य आयोजन, भूपेश बघेल और विधायक देवेंद्र यादव ने देशहित में उठाई आवाज
भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा ‘संविधान बचाओ सभा’ का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। सभा स्थल सिविक सेंटर परिसर हजारों की भीड़ से खचाखच भरा रहा, जिसमें कांग्रेस समर्थक, आम नागरिक, छात्र, महिला संगठन, NSUI और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता भारी संख्या में शामिल हुए।
सभा में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री भूपेश बघेल तथा भिलाई नगर विधायक श्री देवेंद्र यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में संविधान की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती को लेकर जनजागरण करना था।
भूपेश बघेल का तीखा प्रहार
अपने ओजस्वी संबोधन में श्री भूपेश बघेल ने कहा:
“देश के संविधान और लोकतंत्र पर आज अभूतपूर्व खतरा मंडरा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया जा रहा है। केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियां लोकतंत्र के मूल स्तंभों को हिला रही हैं। अब समय आ गया है कि हम सब एकजुट होकर इस षड्यंत्र के खिलाफ आवाज बुलंद करें।”
उन्होंने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान को भारत की आत्मा बताते हुए इसके संरक्षण के लिए जनांदोलन की आवश्यकता पर बल दिया।
देवेंद्र यादव का भावुक आह्वान
भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा:
“यह सभा किसी राजनीतिक दल की शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के आत्मसम्मान और मूल्यों की रक्षा का महाअभियान है। संविधान हर नागरिक के अधिकारों की ढाल है और हम इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देंगे।”

सामाजिक संगठनों की व्यापक भागीदारी
सभा में जिला कांग्रेस कमेटी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, NSUI, किसान कांग्रेस सहित अनेक सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वक्ताओं ने संविधान की प्रस्तावना को याद करते हुए आम जनमानस से धर्मनिरपेक्षता, समानता, और न्याय के मूल्यों की रक्षा के लिए सतर्क रहने की अपील की।
संविधान शपथ के साथ हुआ समापन
सभा के अंत में संविधान शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने लोकतंत्र, समानता, सामाजिक न्याय और संविधान की अखंडता की रक्षा का संकल्प लिया।
यह आयोजन कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रव्यापी ‘संविधान बचाओ अभियान’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों को संविधान के महत्व और लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। भिलाई की यह सभा इस दिशा में एक सशक्त और प्रेरक पहल साबित हुई।









