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High Court ने जारी किए नए निर्देश: अब बदल जाएगा आपराधिक मामलों के फैसलों का तरीका, निचली अदालतों के लिए हाई कोर्ट ने जारी किए नए निर्देश

फैसलों में गवाह, दस्तावेज और सबूतों का सारणीबद्ध चार्ट शामिल करना होगा अनिवार्य, हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने जारी की अधिसूचना

High Court ने जारी किए नए निर्देश: High Court of Chhattisgarh ने प्रदेश की निचली अदालतों में आपराधिक मामलों के फैसलों को लेकर बड़ा बदलाव किया है। High Court ने जारी किए नए निर्देश

अब ट्रायल कोर्ट यानी निचली अदालतों को हर आपराधिक फैसले के अंत में गवाहों, दस्तावेजों और भौतिक साक्ष्यों का सारणीबद्ध चार्ट शामिल करना अनिवार्य होगा।

इस संबंध में हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल Rajnish Srivastava ने अधिसूचना जारी कर दी है। High Court ने जारी किए नए निर्देश

 सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुए नए नियम

हाई कोर्ट ने यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले के अनुपालन में किया है।

बताया गया कि यह संशोधन भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 523 के तहत किया गया है।

नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से प्रदेश की सभी निचली अदालतों में लागू कर दिया गया है।

 फैसलों में अब क्या-क्या शामिल करना होगा?

नई अधिसूचना के मुताबिक अब हर आपराधिक निर्णय में:

  • गवाहों की सूची
  • दस्तावेजों की सूची
  • भौतिक साक्ष्य (मुद्देमाल) की जानकारी

सारणीबद्ध चार्ट के रूप में शामिल करनी होगी।

 गवाहों का मानकीकृत चार्ट होगा अनिवार्य

हर फैसले में गवाहों का विस्तृत चार्ट तैयार किया जाएगा, जिसमें:

  • गवाह का नाम
  • भूमिका
  • केस से संबंध

स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा।

जैसे:

  • सूचनादाता
  • प्रत्यक्षदर्शी
  • डॉक्टर
  • जांच अधिकारी
  • पंच गवाह

आदि की भूमिका स्पष्ट लिखनी होगी।

 दस्तावेजों का पूरा रिकॉर्ड देना होगा

कोर्ट को अब यह भी बताना होगा कि कौन सा दस्तावेज किस गवाह ने प्रमाणित किया।

इन दस्तावेजों में शामिल हो सकते हैं:

  • FIR
  • पंचनामा
  • मेडिकल रिपोर्ट
  • FSL रिपोर्ट
  • जब्ती पत्रक
  • साइट प्लान
  • मृत्यु पूर्व बयान

आदि।

 फैसले समझना होगा आसान

हाई कोर्ट का मानना है कि इस नई व्यवस्था से:

  • फैसले अधिक पारदर्शी होंगे
  • रिकॉर्ड खोजना आसान होगा
  • ऊपरी अदालतों को सुनवाई में सुविधा मिलेगी
  • आम लोगों के लिए फैसले समझना आसान होगा

 जटिल मामलों में मिलेगी विशेष छूट

षड्यंत्र, आर्थिक अपराध या अत्यधिक साक्ष्य वाले मामलों में अदालत केवल महत्वपूर्ण और प्रासंगिक गवाहों व दस्तावेजों का चार्ट तैयार कर सकेगी।

हालांकि फैसले में यह स्पष्ट उल्लेख करना होगा कि चार्ट सीमित जानकारी पर आधारित है।

 बचाव पक्ष के साक्ष्यों पर भी लागू होंगे नियम

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ये निर्देश केवल अभियोजन पक्ष ही नहीं बल्कि बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत गवाहों और दस्तावेजों पर भी लागू होंगे।

TheBharatExpress Desk

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