Nakti news: नकटी गांव में कार्रवाई के बाद सामने आया सांसद बृजमोहन अग्रवाल का पत्र, मंत्री ओपी चौधरी को पहले ही कराया था अवगत, फिर भी क्यों नहीं रुकी कार्रवाई?.. देखे पत्र..
19 जनवरी 2026 को सांसद ने आबादी वाली जमीन पर विधायक कॉलोनी निर्माण रोकने का किया था आग्रह, अब ग्रामीण पूछ रहे हैं— चेतावनी के बाद भी कार्रवाई क्यों हुई?

Nakti news : रायपुर: रायपुर जिले के धरसीवां विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नकटी में हुई कार्रवाई के बाद अब एक पुराना पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह पत्र रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा 19 जनवरी 2026 को आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी को लिखा गया था। पत्र सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है।
सांसद ने पहले ही जताई थी ग्रामीणों की चिंता
वायरल हो रहे पत्र में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि ग्राम पंचायत नकटी के खसरा नंबर 460 की भूमि वर्षों से आबादी के रूप में विकसित हो चुकी है। पत्र के अनुसार अनेक परिवार लंबे समय से वहां निवास कर रहे हैं और यदि इस भूमि पर प्रस्तावित विधायक कॉलोनी का निर्माण किया गया तो बड़ी संख्या में ग्रामीणों को परेशानियों और विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है।
सांसद ने पत्र में मंत्री ओ.पी. चौधरी से मामले का परीक्षण कर विधायक कॉलोनी निर्माण पर रोक लगाने तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह भी किया था।
ग्रामीणों में गहरा आक्रोश
नकटी गांव में हुई कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी और मायूसी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार वर्षों से यहां रह रहे थे और अब उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले उनकी बातों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया।
वायरल पत्र के बाद उठ रहे सवाल
कार्रवाई के बाद जब सांसद का यह पत्र सामने आया तो सोशल मीडिया पर कई सवाल उठने लगे। लोग पूछ रहे हैं कि जब मंत्री ओ.पी. चौधरी को 19 जनवरी 2026 को ही इस मामले की जानकारी दे दी गई थी और आबादी वाले क्षेत्र में निर्माण को लेकर चेतावनी भी दी गई थी, तो बाद में ऐसी कार्रवाई क्यों हुई?
अब लोगों के बीच यह चर्चा है कि यदि संबंधित विभाग और शासन को पहले से स्थिति की जानकारी थी, तो क्या ग्रामीणों की आपत्तियों पर पर्याप्त विचार किया गया था? क्या वैकल्पिक समाधान तलाशने की कोशिश हुई थी?

जांच और जवाबदेही की मांग
वायरल पत्र के बाद ग्रामीण और स्थानीय लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि पत्र में जताई गई आपत्तियों के बावजूद कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए जिम्मेदार निर्णय किस स्तर पर लिया गया।
फिलहाल इस पूरे मामले पर शासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और प्रशासन इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं।









