Petrol Diesel Shortage: पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, डीजल नहीं मिलने से भड़के किसान
कई पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल का स्टॉक खत्म होने से बढ़ी परेशानी, खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे किसान हुए परेशान

Petrol Diesel Shortage: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें खेती-किसानी के कार्यों के लिए पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है। कोंडागांव जिले में डीजल संकट से नाराज किसानों ने पेट्रोल पंप के सामने धरना देकर उमरकोट (ओडिशा)-कोंडागांव मार्ग पर चक्का जाम कर दिया।
Petrol Diesel Shortage
500 रुपये तक सीमित डीजल बिक्री का आरोप
किसानों का आरोप है कि जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो चुका है। जिन पंपों पर डीजल उपलब्ध है, वहां भी एक व्यक्ति को केवल 500 रुपये तक का ही डीजल दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन की शुरुआत में ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों के संचालन के लिए बड़ी मात्रा में डीजल की जरूरत होती है, लेकिन सीमित आपूर्ति के कारण खेती के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। Petrol Diesel Shortage
डीजल के लिए घंटों कतार में खड़े किसान
स्थानीय किसान कृपाराम राठौर ने बताया कि वह लगभग 25 किलोमीटर दूर से डीजल लेने पहुंचे थे। दोपहर 2 बजे से लाइन में लगने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक डीजल नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि उनके पास ट्रैक्टर और डोजर हैं, जिनका उपयोग खेती के कार्यों में किया जाता है। डीजल की कमी से कृषि कार्यों में देरी हो रही है।
सड़क पर उतरे किसान
डीजल संकट को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पर्याप्त डीजल उपलब्ध नहीं होने से नाराज किसानों ने पेट्रोल पंप के बाहर प्रदर्शन किया और उमरकोट-कोंडागांव मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार डीजल उपलब्ध कराया जाए ताकि खेती-किसानी के कार्य बाधित न हों।
मुख्यमंत्री ने दिए थे निर्देश
इससे पहले विष्णु देव साय ने अधिकारियों और तेल कंपनियों को निर्देश दिए थे कि किसानों को खेतों की जुताई और सिंचाई कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा था कि खरीफ सीजन की तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी और किसानों को समय पर ईंधन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
खरीफ सीजन पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डीजल आपूर्ति की स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो खरीफ फसलों की बुवाई और खेत तैयार करने के कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और तेल कंपनियों के सामने ईंधन आपूर्ति सुचारू बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गई है।









