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Raipur Liquor Shop News: सरकारी शराब दुकान से 3.70 लाख रुपये गायब, सुपरवाइजर फरार, कथित सुसाइड नोट से मचा हड़कंप

Raipur Liquor Shop News: कादरचौक शराब दुकान से 3.70 लाख गायब, सुपरवाइजर फरार, सामने आया कथित सुसाइड नोट

Raipur Liquor Shop News / रायपुर। राजधानी रायपुर की कादरचौक स्थित सरकारी विदेशी मदिरा दुकान एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। इस बार मामला सरकारी गल्ले से करीब 3 लाख 70 हजार रुपये की कथित कमी और दुकान के सुपरवाइजर के फरार होने से जुड़ा है। घटना के सामने आने के बाद आबकारी विभाग और शराब दुकान संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। Raipur Liquor Shop News

सूत्रों के अनुसार, दुकान में पदस्थ सुपरवाइजर सूरज साहू (निर्मलकर) कथित रूप से कैश कमी सामने आने के बाद से लापता है। बताया जा रहा है कि उसके गायब होने से पहले दुकान परिसर में एक पत्र मिला, जिसमें पैसों का हिसाब-किताब दर्ज था। हालांकि उस पत्र पर किसी प्रकार के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण उसकी प्रामाणिकता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कथित सुसाइड नोट से आया नया मोड़

मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब सोशल मीडिया और विभागीय हलकों में सुपरवाइजर के नाम से एक कथित सुसाइड नोट सामने आया। नोट में दावा किया गया है कि कैश की कमी के लिए वह अकेला जिम्मेदार नहीं था।

कथित पत्र में आरोप लगाया गया है कि दुकान में कार्यरत एक सेल्समैन द्वारा नकदी की चोरी की गई थी और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को वीडियो सबूतों के साथ दी गई थी। नोट में यह भी दावा किया गया है कि शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और बाद में उस पर लगातार दबाव बनाया गया।

पत्र में प्लेसमेंट कंपनी और कुछ अधिकारियों पर कथित मानसिक प्रताड़ना, नौकरी से निकालने और कानूनी कार्रवाई की धमकी देने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इस कथित सुसाइड नोट पर भी हस्ताक्षर नहीं हैं, जिसके चलते इसकी सत्यता की जांच आवश्यक मानी जा रही है।

SUSIDE NOTE

आबकारी विभाग में मचा हड़कंप

घटना की जानकारी मिलते ही आबकारी विभाग के अधिकारी, संबंधित एजेंसी और कंपनी के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। दुकान के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

फिलहाल विभाग की प्राथमिकता फरार सुपरवाइजर का पता लगाना और कैश कमी की वास्तविक वजह का पता लगाना है।

पहले भी विवादों में रही है कादरचौक शराब दुकान

जानकारी के अनुसार कादरचौक स्थित यह सरकारी शराब दुकान पहले भी विभिन्न अनियमितताओं और प्रशासनिक विवादों को लेकर चर्चा में रही है। पूर्व में व्यवस्थागत शिकायतों के बाद विभागीय स्तर पर कर्मचारियों और सुपरवाइजरों के स्थानांतरण भी किए गए थे।

अब लाखों रुपये की कथित गड़बड़ी और सुपरवाइजर के लापता होने की घटना ने शराब दुकानों की वित्तीय निगरानी और जवाबदेही व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

LATTER

उठ रहे हैं कई बड़े सवाल

  • सरकारी गल्ले से 3.70 लाख रुपये की कमी आखिर कैसे हुई?
  • क्या शराब दुकानों में वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर्याप्त है?
  • क्या यह मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क हो सकता है?
  • सामने आए कथित पत्र और सुसाइड नोट की वास्तविकता क्या है?
  • शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

जांच जारी

आबकारी विभाग और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।

Disclaimer

यह समाचार विभिन्न सूत्रों और प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। खबर में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद तथ्य बदल सकते हैं। The Bharat Express निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करता है।

Sanskar Singhaniya

Sanskar Singhaniya is the Founder & Editor-in-Chief of The Bharat Express, with 7 years of experience in journalism and digital media. He primarily covers Chhattisgarh, focusing on politics, governance, administration, crime, public-interest issues, and regional developments. His work emphasizes factual, timely, and reader-focused journalism, with expertise in digital publishing, breaking news, and audience engagement. Through The Bharat Express, Sanskar aims to deliver credible and easy-to-understand news that keeps readers informed about important developments across Chhattisgarh and India.

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