RTE Admission Issue: आरटीई के तहत एडमिशन पर संकट, प्राइवेट स्कूलों ने रोका प्रवेश, शिक्षा मंत्री तक पहुंचा मामला
Raipur में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का बड़ा फैसला— Gajendra Yadav को लिखा जाएगा पत्र, अभिभावकों की बढ़ी चिंता

RTE Admission Issue: छत्तीसगढ़ में आरटीई (Right to Education) के तहत एडमिशन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है।
Raipur में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने घोषणा की है कि प्रदेशभर में आरटीई के तहत लॉटरी से चयनित विद्यार्थियों को फिलहाल प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इस निर्णय के बाद प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है और हजारों अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।RTE Admission Issue
शिक्षा मंत्री को लिखा जाएगा पत्र
प्राइवेट स्कूल संचालकों ने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर Gajendra Yadav को औपचारिक पत्र लिखेंगे।
इस पत्र में स्कूल संचालक अपनी मांगों और समस्याओं का विस्तृत उल्लेख करेंगे।
इसके अलावा, वे जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर आरटीई के तहत मिलने वाली राशि को तय करने और समय पर भुगतान करने की मांग भी करेंगे।
सरकार पर आर्थिक दबाव का आरोप
प्राइवेट स्कूल संचालकों का कहना है कि सरकार द्वारा आरटीई के तहत दी जाने वाली राशि और वास्तविक खर्च के बीच बड़ा अंतर है।
मुख्य आरोप:
- आरटीई की राशि समय पर नहीं मिलती
- वास्तविक खर्च की तुलना में राशि कम है
- इससे निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है
इन्हीं कारणों से स्कूलों ने फिलहाल आरटीई एडमिशन रोकने का फैसला लिया है।
लंबे समय से जारी है असहयोग आंदोलन
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि आरटीई से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं।
उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका असहयोग आंदोलन जारी रहेगा।
इस फैसले से आरटीई के तहत चयनित छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंता और बढ़ सकती है।
अभिभावकों की बढ़ी चिंता
आरटीई के तहत हर साल हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा का अवसर मिलता है।
ऐसे में एडमिशन प्रक्रिया रुकने से कई अभिभावकों के सामने बच्चों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन सकती है।



















