
School Education News: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने घोषणा की है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से की जाएगी। यह निर्णय मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में लिया गया।
1 अप्रैल से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
बैठक में तय किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया और पढ़ाई 1 अप्रैल से शुरू होगी।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से:
- समय पर पढ़ाई शुरू होगी।
- पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा।
- विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार होगा।
- परीक्षा परिणाम बेहतर होंगे।
- शासकीय विद्यालयों की व्यवस्था निजी विद्यालयों के समान हो सकेगी।
1 अप्रैल को ही मिलेंगी किताबें, गणवेश और साइकिल
शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि वर्ष 2027-28 से विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल का वितरण भी 1 अप्रैल को ही सुनिश्चित किया जाए।
इससे विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने के साथ ही सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
VSK App पर बड़ा फैसला
बैठक में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए लागू VSK App की भी समीक्षा की गई।
क्या हुआ फैसला?
- सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को ऐप पर पंजीयन के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
- वर्तमान माह की उपस्थिति के आधार पर किसी का वेतन नहीं काटा जाएगा।
- जुलाई 2026 से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का VSK App पर पंजीयन अनिवार्य होगा।
- जुलाई माह का वेतन ऐप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा।
ड्रॉपआउट बच्चों को वापस स्कूल लाने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालय छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर 31 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान चलाकर पुनः स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
शिक्षण गुणवत्ता सुधारने पर जोर
बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को शिक्षण गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश
- प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े याद होना चाहिए।
- माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े आने चाहिए।
- हिंदी और अंग्रेजी की धाराप्रवाह रीडिंग सुनिश्चित की जाए।
- जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी नियमित विद्यालय निरीक्षण करें।
जर्जर भवनों और संलग्न शिक्षकों पर सख्ती
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि:
- जर्जर स्कूल भवनों की सूची तैयार की जाएगी।
- चरणबद्ध तरीके से ऐसे भवनों को हटाया जाएगा।
- भवनविहीन विद्यालयों की समीक्षा जिला कलेक्टर और सीईओ करेंगे।
- जिला एवं विकासखंड शिक्षा कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों को मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजा जाएगा।
बैठक में इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में निम्न योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई:
- RMSA विद्यालय
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना
- केंद्रीकृत किचन व्यवस्था
- स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना
- गणवेश वितरण योजना
- साइकिल वितरण योजना
- पाठ्यपुस्तक वितरण
एक नजर में बड़े फैसले
- अगले शैक्षणिक सत्र से 1 अप्रैल से शुरू होगी पढ़ाई।
- 1 अप्रैल को ही मिलेगा गणवेश, किताबें और साइकिल।
- VSK App पर जुलाई से उपस्थिति अनिवार्य।
- जुलाई के वेतन का आधार बनेगी ऐप उपस्थिति।
- वर्तमान माह में वेतन कटौती नहीं होगी।
- 31 जुलाई तक ड्रॉपआउट बच्चों का पुनः प्रवेश अभियान।
- शिक्षण गुणवत्ता और नियमित निरीक्षण पर विशेष जोर।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इन बदलावों से प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।








