High Court की सख्ती के बाद कार्रवाई: 22 आश्रितों को मिली अनुकंपा नियुक्ति, सुनवाई से पहले निगम ने बांटे ज्वाइनिंग लेटर
वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे परिवारों को राहत, हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद देर रात तक खुला रहा निगम कार्यालय

High Court की सख्ती के बाद कार्रवाई: Bilaspur नगर निगम में लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे 22 आश्रित परिवारों को आखिरकार राहत मिल गई है। High Court की सख्ती के बाद कार्रवाई
Bilaspur Municipal Corporation प्रशासन ने हाईकोर्ट की सख्ती और प्रस्तावित सुनवाई से ठीक पहले सभी पात्र आवेदकों को नियुक्ति पत्र सौंप दिए।
इस फैसले के बाद वर्षों से नौकरी के लिए भटक रहे परिवारों को स्थायी रोजगार का सहारा मिल गया है।
वर्षों से लंबित थे आवेदन
जानकारी के अनुसार नगर निगम के दिवंगत कर्मचारियों के 22 परिजनों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था।
नियमों के तहत किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके आश्रित परिवार के एक सदस्य को पात्रता के आधार पर नौकरी दी जाती है, ताकि परिवार आर्थिक संकट से उबर सके।
लेकिन निगम प्रशासन द्वारा लंबे समय तक इन मामलों को लंबित रखा गया।
सेटअप और बजट का दिया जाता रहा हवाला
नगर निगम की ओर से लगातार यह तर्क दिया जाता रहा कि:
- विभाग में पर्याप्त सेटअप उपलब्ध नहीं है
- बजट की कमी है
- स्वीकृत पद नहीं हैं
इसी वजह से आश्रित परिवारों को वर्षों तक निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
लगातार देरी और अनदेखी से परेशान होकर सभी 22 आश्रितों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
Chhattisgarh High Court में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निगम प्रशासन और नगरीय प्रशासन विभाग के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि:
- जब नियमों में अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान मौजूद है
- तब पात्र लोगों को उसका लाभ देने से इंकार नहीं किया जा सकता
पहले बांटे गए प्रमाण पत्र, फिर हुई नियुक्तियां निरस्त
बताया जा रहा है कि 10 जनवरी 2025 को निगम प्रशासन ने इन 22 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति के प्रमाण पत्र भी वितरित कर दिए थे।
लेकिन बाद में यह कहकर नियुक्तियां निरस्त कर दी गईं कि जिन पदों पर भर्ती दी जा रही है, उनका सेटअप स्वीकृत नहीं है।
इस फैसले के बाद प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी फैल गई थी।
सुनवाई से पहले बांटे गए ज्वाइनिंग लेटर
मामले की अगली सुनवाई 14 मई को हाईकोर्ट में होनी थी।
बताया जा रहा है कि अदालत की सख्त टिप्पणियों और संभावित कार्रवाई को देखते हुए निगम प्रशासन में अचानक हलचल बढ़ गई।
बुधवार देर रात तक निगम कार्यालय खुला रखा गया और सभी 22 पात्र आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंप दिए गए।









