CG Collector Transfer Order: छत्तीसगढ़ में फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, बदले गए जिला कलेक्टर
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को मिला नया कलेक्टर; चार IAS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी।

CG Collector Transfer Order: छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए चार IAS अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले को नया कलेक्टर मिला है, जबकि कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को मिला नया कलेक्टर
जारी आदेश के अनुसार 2013 बैच के IAS अधिकारी संतोष कुमार देवांगन को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के कलेक्टर पद से हटाकर स्कूल शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
वहीं 2015 बैच के IAS अधिकारी विजय दयाराम के. को तकनीकी शिक्षा विभाग से स्थानांतरित कर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही का नया कलेक्टर बनाया गया है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
- संतोष कुमार देवांगन – सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग।
- विजय दयाराम के. – कलेक्टर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
- हेमंत नंदनवार – संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण (CSSDA) के अतिरिक्त मिशन संचालक का अतिरिक्त प्रभार।
- सुमित अग्रवाल – मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA)।
एक दिन पहले भी हुआ था बड़ा फेरबदल
इस नए आदेश से पहले राज्य सरकार ने 19 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए थे। उस सूची में कई अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, जिला पंचायत CEO, महाप्रबंधक समेत विभिन्न प्रशासनिक पदों पर नई नियुक्तियां की गई थीं।
कल जारी आदेश में इन अधिकारियों को मिली थी जिम्मेदारी
- अरुण कुमार वर्मा – आयुक्त, नगर निगम धमतरी।
- शशांक पांडे – अतिरिक्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन।
- जी.आर. मरकाम – आयुक्त, नगर निगम राजनांदगांव।
- विजेंद्र सिंह – आयुक्त, नगर निगम चिरमिरी।
- इंद्रजीत बर्मन – अपर संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं।
लगातार जारी है प्रशासनिक फेरबदल
राज्य सरकार लगातार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों के तबादले कर रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी विभिन्न विभागों में प्रशासनिक बदलाव का सिलसिला जारी रह सकता है।












