CG Crime News: शादीशुदा होने के बावजूद छात्रा का करता रहा शोषण, विरोध पर देता था आत्महत्या की धमकी
धरमजयगढ़ पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा

CG Crime News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शादी का झूठा आश्वासन देकर एक छात्रा का वर्षों तक कथित रूप से शारीरिक शोषण करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले से विवाहित था, लेकिन इसके बावजूद पीड़िता को शादी का भरोसा देकर लगातार संबंध बनाता रहा।
2018 में हुई पहचान, नाबालिग रहते किया पहला दुष्कर्म
पुलिस के अनुसार 3 जुलाई को थाना गांधीनगर (जिला सरगुजा) से प्राप्त जीरो एफआईआर की विवेचना थाना धरमजयगढ़ को सौंपी गई। शिकायत में 22 वर्षीय युवती ने बताया कि वर्ष 2018 में धरमजयगढ़ में किराये के मकान के पास रहने वाले पंकज गुप्ता से उसकी पहचान हुई थी।
पीड़िता का आरोप है कि नाबालिग रहने के दौरान आरोपी ने प्रेम और शादी का झूठा वादा कर 20 जून 2018 को घर में अकेला पाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। घटना के बाद उसने किसी को जानकारी न देने के लिए विवाह का भरोसा दिया।
दूसरी शादी के बाद भी करता रहा शोषण
पीड़िता के अनुसार वर्ष 2019 में आरोपी ने दूसरी युवती से विवाह कर लिया। इसके बावजूद वह लगातार उससे संपर्क में रहा और शादी का झूठा आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा।
जब पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने आत्महत्या करने, स्वयं को नुकसान पहुंचाने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर उसे डराता रहा।
पढ़ाई के लिए दूसरे शहर गई, फिर भी पीछा नहीं छोड़ा
शिकायत के मुताबिक पीड़िता आगे की पढ़ाई के लिए पहले रायगढ़ और बाद में अंबिकापुर चली गई, लेकिन आरोपी वहां भी उसके किराये के मकानों तक पहुंचकर उसका पीछा करता रहा।
आरोपी बार-बार यह कहता रहा कि उसकी पत्नी उसे छोड़ चुकी है और वह अब पीड़िता से विवाह करेगा। इसी भरोसे में रखकर उसने लंबे समय तक उसका कथित शोषण किया। बाद में आरोपी ने दूसरी शादी भी कर ली, लेकिन इसके बावजूद विवाह का झांसा देता रहा।
पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पीड़िता की शिकायत पर थाना धरमजयगढ़ में आरोपी पंकज गुप्ता (30 वर्ष), निवासी गोधनपुर, अंबिकापुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(m) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एसएसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। मामले की जांच में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े, सहायक उपनिरीक्षक मंजु मिश्रा, प्रधान आरक्षक प्रकाश गिरी और पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








