CG High Court: नोटिस के बाद भी जवाब नहीं, दुर्ग कलेक्टर और भू-अर्जन अधिकारी को हाई कोर्ट ने किया तलब
कोर्ट की अवमानना पड़ी भारी, कलेक्टर समेत दो अधिकारियों को शपथ पत्र के साथ पेश होने का आदेश

CG High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान दुर्ग कलेक्टर और भू-अर्जन अधिकारी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत द्वारा जारी नोटिस की तामीली के बावजूद दोनों अधिकारियों की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही अदालत में उपस्थिति दर्ज कराई गई।
हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बीडी गुरु की एकलपीठ ने अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के नोटिस की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती।
सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) गैरी मुखोपाध्याय को निर्देश दिया गया कि वे तत्काल दोनों अधिकारियों को न्यायालय के आदेश की जानकारी दें और अगली सुनवाई में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करें।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता सरस्वती गुप्ता ने न्यायालय के आदेश की कथित अवहेलना को लेकर दुर्ग कलेक्टर के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ए.एस. राजपूत ने कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट ने 6 मार्च 2025 को दुर्ग कलेक्टर और भू-अर्जन अधिकारी को नोटिस जारी किया था। रिकॉर्ड में नोटिस की तामीली भी दर्ज है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों ने कोई जवाब दाखिल नहीं किया।
शपथ पत्र के साथ देना होगा जवाब
हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई पर दुर्ग कलेक्टर और भू-अर्जन अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों। साथ ही उन्हें अवमानना याचिका पर अपना विस्तृत जवाब शपथ पत्र (Affidavit) के साथ प्रस्तुत करना होगा।
कोर्ट ने कहा कि जवाब विधिवत तैयार कर नियमानुसार प्रस्तुत किया जाए ताकि मामले की सुनवाई आगे बढ़ सके।
29 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में अगली सुनवाई
अदालत ने अवमानना याचिका को 29 जून 2026 से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है।
अब अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि संबंधित अधिकारियों ने न्यायालय के नोटिस का पालन क्यों नहीं किया और उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़ेगी या नहीं।
मुख्य बातें
- दुर्ग कलेक्टर और भू-अर्जन अधिकारी को हाई कोर्ट ने किया तलब।
- नोटिस मिलने के बावजूद कोर्ट में नहीं दिया गया जवाब।
- अगली सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य।
- शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश।
- 29 जून 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी अगली सुनवाई।








