CG High Court Relief: जेएमएफसी कोर्ट की कार्यवाही पर हाई कोर्ट की रोक, अगली सुनवाई तक मामला स्थगित
दुर्ग कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई, जस्टिस बीडी गुरु ने अंतरिम राहत देते हुए सुनवाई पर लगाई रोक

CG High Court Relief: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में राहत देते हुए दुर्ग की जेएमएफसी कोर्ट में चल रही सुनवाई को अगली सुनवाई तक स्थगित कर दिया है। जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने अर्जेंट हियरिंग के दौरान यह अंतरिम आदेश जारी किया। मामला कबीरधाम जिले के निवासी चिंताराम कश्यप द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने जेएमएफसी दुर्ग और सत्र न्यायालय दुर्ग के आदेशों को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता ने अपने अधिवक्ता समीर सिंह के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि उन्होंने परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान उन्होंने कुछ अतिरिक्त दस्तावेज रिकॉर्ड में शामिल करने की अनुमति मांगी थी, जिनमें वेतन पर्ची और भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज शामिल थे। उनका कहना था कि ये दस्तावेज आरोपी को जारी किए गए चेक के संबंध में उनकी आर्थिक स्थिति और आय के स्रोत को साबित करने के लिए जरूरी हैं।
हालांकि, जेएमएफसी दुर्ग ने 16 जनवरी 2026 को यह आवेदन खारिज कर दिया था। बाद में 10 अप्रैल 2026 को सत्र न्यायाधीश दुर्ग ने भी पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा।
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता समीर सिंह ने दलील दी कि निचली अदालत ने दस्तावेजों की प्रासंगिकता और आवश्यकता पर विचार किए बिना आवेदन को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि संबंधित दस्तावेज मामले के निष्पक्ष और न्यायसंगत निर्णय के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
दलीलों पर विचार करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने दस्तावेजों की आवश्यकता और महत्व का परीक्षण किए बिना केवल इस आधार पर आवेदन खारिज कर दिया कि साक्ष्य की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए अंतरिम राहत प्रदान की।
हाई कोर्ट का बड़ा आदेश
जस्टिस बीडी गुरु ने आदेश दिया कि दुर्ग के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) कोर्ट में लंबित कार्यवाही को अगली सुनवाई तक स्थगित रखा जाए। साथ ही प्रतिवादी को नोटिस जारी करने और प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब इस मामले की अगली सुनवाई में हाई कोर्ट यह तय करेगा कि संबंधित दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने की अनुमति दी जाए या नहीं। फिलहाल जेएमएफसी कोर्ट में चल रही पूरी कार्यवाही पर रोक लग गई है।









