CG PM Awas Yojana Scam: पीएम आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, साली के खाते में डलवाई राशि, FIR दर्ज
जांच में शिकायत सही मिलने के बाद जनपद पंचायत सीईओ ने दर्ज कराई एफआईआर, करीब ₹1.20 लाख की राशि के गबन का आरोप

CG PM Awas Yojana Scam: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में कथित अनियमितताओं का एक मामला छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से सामने आया है। पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत पालीडीह में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि के कथित गबन की शिकायत जांच में सही पाए जाने के बाद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने पंचायत के मेट रात्रेनंद सिदार के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
साली के खाते में ट्रांसफर कराई गई राशि का आरोप
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अशांति नामक हितग्राही के लिए आवास स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि पंचायत मेट रात्रेनंद सिदार ने मिलते-जुलते नाम का फायदा उठाते हुए स्वीकृत राशि अपनी साली शांति के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दी।
शिकायत के बाद हुई जांच में इस मामले में अनियमितता सामने आने पर आरोपी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। इस प्रकरण में करीब ₹1.20 लाख की राशि के कथित गबन का आरोप लगाया गया है।
पत्नी के नाम पर मकान बनाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, योजना की राशि का उपयोग वास्तविक हितग्राही के बजाय आरोपी ने अपनी पत्नी के नाम पर मकान निर्माण कराने में किया। मामले की जांच के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपी ने दी अपनी सफाई
आरोपी रात्रेनंद सिदार का कहना है कि स्वीकृत हितग्राही अशांति गांव में उपलब्ध नहीं थी। उनके अनुसार, हितग्राही के अपात्र होने की स्थिति में मिलते-जुलते नाम वाली शांति के खाते में राशि डलवाई गई और उसी राशि से मकान का निर्माण कराया गया।
सरपंच ने कही यह बात
ग्राम सरपंच के अनुसार पंचायत की कई बैठकों में आरोपी को राशि वापस जमा करने के लिए कहा गया, लेकिन रकम वापस नहीं की गई। इसके बाद पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि कथित गबन में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा शासन की राशि की वसूली और आगे की कानूनी कार्रवाई किस प्रकार की जाएगी।









