CG Teacher Salary Update: अटैचमेंट पर बड़ा एक्शन, दूसरे स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों का नहीं बनेगा वेतन
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अटैचमेंट प्रथा खत्म करने का किया ऐलान, मूल पदस्थापना वाले स्कूल से ही बनेगा वेतन; रिटायर शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति पर भी बड़ा फैसला

CG Teacher Salary Update: छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि अब अटैचमेंट पर दूसरे स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का वेतन नहीं बनाया जाएगा। ऐसे सभी शिक्षकों को अपनी मूल पदस्थापना वाले स्कूल में वापस लौटना होगा।
अटैचमेंट प्रथा होगी समाप्त
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिक्षा विभाग में वर्षों से चली आ रही अटैचमेंट प्रथा को समाप्त किया जा रहा है। अब शिक्षक अपनी मूल पदस्थापना वाले विद्यालय में ही सेवाएं देंगे।
उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में अटैच किया गया है, उन्हें अपने मूल स्कूल में लौटना होगा।
मूल स्कूल से ही बनेगा वेतन
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब केवल मूल पदस्थापना वाले विद्यालय से ही शिक्षकों का वेतन तैयार किया जाएगा।
दूसरे स्कूलों में अटैच होकर कार्य कर रहे शिक्षकों का वेतन संबंधित अटैचमेंट वाले संस्थान से जारी नहीं किया जाएगा।
रिटायरमेंट के बाद भी देंगे सेवाएं शिक्षक
राज्य सरकार ने हाल ही में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक संवर्ग (सहायक शिक्षक से लेकर प्राचार्य तक) को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति देने की प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी की है।
लोक शिक्षण संचालनालय को दिए निर्देश
मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश में लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।
खराब बोर्ड परिणाम पर होगी जवाबदेही
शिक्षा विभाग पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि जिन विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम लगातार खराब रहेगा, वहां के प्राचार्य की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यकतानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और विद्यार्थियों की पढ़ाई को बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित करना है।









