Chhattisgarh Assembly: कवासी लखमा बोले- बस्तर की अनदेखी बंद नहीं हुई तो उठेगी अलग राज्य की मांग
छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने भाजपा सरकार पर बस्तर की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि हालात नहीं सुधरे तो अलग राज्य की मांग उठ सकती है।

Chhattisgarh Assembly: छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने भाजपा सरकार पर बस्तर क्षेत्र की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि बस्तर के साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रहा तो भविष्य में अलग बस्तर राज्य की मांग तेज हो सकती है।
‘बस्तर की लगातार हो रही अनदेखी’
चर्चा के दौरान कवासी लखमा ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर के विकास को लेकर गंभीर नहीं है। उनका आरोप था कि क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों और विकास कार्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते बस्तर के विकास पर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में अलग राज्य की मांग उठना स्वाभाविक होगा।
महतारी वंदन योजना पर भी साधा निशाना
कवासी लखमा ने महतारी वंदन योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि योजना की राशि लेने के लिए महिलाओं को दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे महिलाओं को अपने क्षेत्र में ही योजना का लाभ आसानी से मिल सके।
डबल इंजन सरकार पर कसा तंज
कांग्रेस विधायक ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन बस्तर की हवाई सेवाएं तक प्रभावित हो गई हैं।
उन्होंने कहा,
“डबल इंजन सरकार में विमान भी बंद हो गया।”
लखमा ने इसे सरकार के विकास संबंधी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर बताया।
प्रश्नकाल में महतारी वंदन योजना पर हंगामा
विधानसभा के प्रश्नकाल में महतारी वंदन योजना का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख रह गई है।
इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देते हुए कहा कि लाभार्थियों के नाम मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं होने, आयकरदाता बनने और अन्य अपात्रता के कारण हटाए गए हैं।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और बाद में वॉकआउट कर दिया।
राशन व्यवस्था का मुद्दा भी उठा
प्रश्नकाल के दौरान राशन वितरण व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।
- विधायक शेषराज हरबंस ने अंत्योदय कार्डधारियों को 7 किलो अतिरिक्त चावल देने की मांग की।
- भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने राशन दुकानों में कथित रूप से जबरन मसाले बेचने का आरोप लगाया।
इन मुद्दों पर भी सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली.









