Chhattisgarh High Court: आगजनी की बढ़ती घटनाओं पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगी फायर सेफ्टी प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट
फायर ब्रिगेड वाहनों, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और नए फायर स्टेशनों की खरीद एवं निर्माण कार्यों की प्रगति पर कोर्ट ने मांगा जवाब

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। हाई कोर्ट ने फायर ब्रिगेड के आधुनिक वाहनों, उपकरणों और नए फायर स्टेशनों की स्थापना से जुड़े सभी टेंडरों की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
कोर्ट ने कहा- सिर्फ टेंडर जारी करना काफी नहीं
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि केवल बजट आवंटन और टेंडर जारी करना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह भी दिखाना होगा कि धरातल पर कितना काम हुआ है और कितने मामलों में वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं।
फायर सेफ्टी प्रोजेक्ट्स पर सरकार का जवाब
हाई कोर्ट के निर्देश पर अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के निदेशक ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
72.70 करोड़ रुपये के फायर वाहन खरीदने की प्रक्रिया जारी
राज्य सरकार द्वारा GeM पोर्टल के माध्यम से निम्नलिखित वाहनों की खरीद के लिए टेंडर जारी किए गए हैं—
- फायर टेंडर
- वाटर टेंडर
- फोम टेंडर
- मिनी मिस्ट फायर वाहन
इन सभी की खरीद के लिए कुल 72.70 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए हैं और फिलहाल प्रक्रिया तकनीकी मूल्यांकन चरण में है।
60 मीटर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म के लिए ग्लोबल टेंडर
उच्च भवनों में आग बुझाने और बचाव कार्यों के लिए 60 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की खरीद हेतु 51.58 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
16 नए फायर स्टेशन बनाने की तैयारी
राज्य सरकार ने 16 नए फायर स्टेशनों के निर्माण के लिए 44.32 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
इन जिलों में जमीन उपलब्ध
निम्न जिलों में जमीन उपलब्ध होने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ रही है—
- गरियाबंद
- बेमेतरा
- बालोद
- सक्ती
- सूरजपुर
इन जिलों के लिए निर्माण कार्य शुरू करने हेतु फंड भी जारी कर दिया गया है।
11 जिलों में अभी जमीन आवंटन बाकी
वहीं निम्न जिलों में फायर स्टेशन निर्माण के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया अभी लंबित है—
- मुंगेली
- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
- बीजापुर
- सारंगढ़-बिलाईगढ़
- सुकमा
- नारायणपुर
- अन्य संबंधित जिले
21 जुलाई को अगली सुनवाई
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले सभी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत की जाए। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।









