High Court Big Decision: रेप पीड़िता की गुहार पर हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन की सुनवाई, मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद होगा गर्भपात पर फैसला
15 सप्ताह की गर्भवती दुष्कर्म पीड़िता ने मांगी गर्भसमापन की अनुमति, हाईकोर्ट ने तत्काल मेडिकल बोर्ड गठित करने का दिया निर्देश

High Court Big Decision: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक दुष्कर्म पीड़िता की याचिका पर संवेदनशीलता दिखाते हुए अवकाश के दौरान विशेष सुनवाई की। कोरबा जिले की रहने वाली पीड़िता ने गर्भपात की अनुमति मांगते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। मामले की गंभीरता और समय की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायमूर्ति रविन्द्र वर्मा ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की। High Court Big Decision
15 सप्ताह की गर्भवती है पीड़िता
याचिका में पीड़िता ने बताया कि वह दुष्कर्म की घटना के बाद गर्भवती हो गई है और वर्तमान में लगभग 15 सप्ताह के गर्भ से है। पीड़िता ने अपनी मानसिक, सामाजिक और शारीरिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए गर्भसमापन की अनुमति देने की मांग की है।
याचिका में कहा गया कि गर्भावस्था उसके लिए गंभीर मानसिक और सामाजिक परेशानी का कारण बन रही है, इसलिए उसे कानून के तहत राहत प्रदान की जाए।
हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने के दिए निर्देश
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कानूनी और चिकित्सकीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन को तत्काल मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि पीड़िता की विस्तृत चिकित्सकीय जांच कराई जाए और मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करे।
मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होगा अंतिम फैसला
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि गर्भपात की अनुमति से जुड़ा अंतिम निर्णय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और विशेषज्ञों की चिकित्सकीय राय के आधार पर लिया जाएगा।
रिपोर्ट में निम्न बिंदुओं का परीक्षण किया जाएगा—
- गर्भावस्था की वर्तमान स्थिति
- पीड़िता के शारीरिक स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव
- मानसिक स्वास्थ्य संबंधी पहलू
- मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) कानून के प्रावधान
- गर्भसमापन से जुड़े चिकित्सकीय जोखिम
मानवीय दृष्टिकोण से संवेदनशील मामला
अदालत ने माना कि यह मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे मामलों में न्यायालय पीड़िता के स्वास्थ्य, गरिमा, मानसिक स्थिति और संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेता है।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले में अब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद हाईकोर्ट गर्भपात की अनुमति संबंधी अंतिम आदेश जारी करेगा।
यह मामला एक बार फिर दुष्कर्म पीड़िताओं के अधिकारों, स्वास्थ्य सुरक्षा और न्यायिक संवेदनशीलता को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।









